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Mahendragarh-Narnaul News: कोच न ट्रेनर की सुविधा, स्वयं तैयारी कर सैनिक बन रहे मालड़ा के युवा

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:29 PM IST
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With no access to coaches or trainers, youths from Malda are preparing on their own to become soldiers.
फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास ​स्थित खेल मैदान--संवाद
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महेंद्रगढ़। मालड़ा गांव में युवाओं के अंदर भारतीय सेना में भर्ती होकर देशसेवा करने का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। सुविधाओं की कमी के बावजूद युवा अपने दम पर मेहनत कर रहे हैं और सेना भर्ती की तैयारी में दिन-रात जुटे हुए हैं।

गांव में मौजूद दो खेल मैदानों की स्थिति खराब होने के कारण युवाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों मैदानों में लंबे समय से सही देखभाल नहीं हुई है। घास और झाड़ियों के कारण मैदान ठीक से उपयोग नहीं हो पाते। कई जगह खेल उपकरण भी नहीं हैं।
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ऐसे में युवा मजबूरी में खुले स्थानों और कच्ची पगडंडियों पर दौड़ लगाकर अपनी शारीरिक तैयारी पूरी कर रहे हैं। सेना भर्ती के लिए दौड़, लंबीकूद और फिटनेस की अच्छी तैयारी जरूरी होती है लेकिन गांव में न तो कोई प्रशिक्षक है और न ही कोई फिटनेस सेंटर।
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एक मैदान की देखभाल मंदिर कमेटी अपने स्तर पर कर रही है, लेकिन दूसरे मैदान की हालत बहुत खराब है, इसलिए वहां युवा नहीं जा पाते। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ग्राम पंचायत और खेल विभाग ध्यान दे तो इन मैदानों को बेहतर बनाया जा सकता है।
गांव के कई युवा पहले ही सेना में चयनित हो चुके हैं। अगर यहां ओपन जिम, रनिंग ट्रैक और कोच की सुविधा मिल जाए तो और भी युवा सफल हो सकते हैं और गांव का नाम रोशन कर सकते हैं।
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रोज सुबह उठकर शारीरिक अभ्यास करते हैं। गांव में कोच या ट्रेनर नहीं है। इसलिए इंटरनेट और अनुभवी युवाओं की मदद से तैयारी कर रहे हैं। अगर मैदान और बेहतर सुविधाएं मिलें तो तैयारी और मजबूत हो सकती है।-नवीन कुमार, युवा
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खेल मैदानों में घास और अव्यवस्था होने से अभ्यास नहीं हो पा रहा है। कई बार बाहर जाकर अभ्यास करना पड़ता है। गांव में खेल सुविधाएं बढ़ेंगी तो युवाओं का मनोबल भी बढ़ेगा और बेहतर परिणाम मिलेंगे।-सोमबीर सिंह, युवा
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गांव के युवाओं में सेना में जाने का उत्साह काफी है लेकिन सुविधाओं की कमी उनकी राह मुश्किल बना रही है। प्रशासन को खेल मैदानों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। ओपन जिम व खेल उपकरणों की सुविधा करनी चाहिए ताकि युवा अभ्यास कर सकें।-शीशराम यादव, वरिष्ठ नागरिक
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यदि गांव में रनिंग ट्रैक, ओपन जिम और प्रशिक्षकों की व्यवस्था हो जाए तो युवा सेना और खेलों में आगे बढ़ सकते हैं। गांव में प्रतिभा की कमी नहीं है लेकिन खेल सुविधाओं की जरूरत पूरी नहीं हो रही है। मंदिर कमेटी ने एक स्थान पर रोशनी की व्यवस्था की है।-रामकिशन, ग्रामीण

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

फोटो संख्या:51- गांव मालड़ा बास स्थित खेल मैदान--संवाद

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