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Palwal News: परिक्रमा मार्ग के किनारे बने नाले की होगी बाउंड्री
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नीमका से यूपी सीमा तक 2.5 किलोमीटर लंबे नाले के किनारे होगा निर्माण
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से बनी चिंता अब दूर होने की उम्मीद है। नीमका गांव से उत्तर प्रदेश की सीमा तक मार्ग के साथ बने ढाई किलोमीटर लंबे नाले की चहारदीवारी कराई जाएगी। लोक निर्माण विभाग को परियोजना की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उम्मीद है कि नए वर्ष में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
बता दें कि उत्तर प्रदेश की सीमा से बिछोर गांव होते हुए नीमका गांव तक ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग गुजरता है। इस मार्ग पर वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। वहीं, पुरुषोत्तम मास में आयोजित ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। परिक्रमा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने से मार्ग पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क के साथ-साथ बना नाला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से खतरा बना हुआ है।
ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे मांग
नीमका, बिछोर और आसपास के गांवों के ग्रामीण लंबे समय से नाले के किनारे चहारदीवारी बनाने की मांग उठाते रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक यात्रा के दौरान इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए नाले के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण जरूरी है। अब लोक निर्माण विभाग को मंजूरी मिलने से ग्रामीणों में खुशी है।
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कोट
ढाई किलोमीटर तक नाले के किनारे चहारदीवारी बनाई जाएगी। इसकी मंजूरी मिल चुकी है। कागजी कार्रवाई चल रही है। नए वर्ष में इस पर काम शुरू करा दिया जाएगा। - सिद्धार्थ, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, पुन्हाना
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गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से बनी चिंता अब दूर होने की उम्मीद है। नीमका गांव से उत्तर प्रदेश की सीमा तक मार्ग के साथ बने ढाई किलोमीटर लंबे नाले की चहारदीवारी कराई जाएगी। लोक निर्माण विभाग को परियोजना की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उम्मीद है कि नए वर्ष में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
बता दें कि उत्तर प्रदेश की सीमा से बिछोर गांव होते हुए नीमका गांव तक ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग गुजरता है। इस मार्ग पर वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। वहीं, पुरुषोत्तम मास में आयोजित ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। परिक्रमा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने से मार्ग पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क के साथ-साथ बना नाला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से खतरा बना हुआ है।
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ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे मांग
नीमका, बिछोर और आसपास के गांवों के ग्रामीण लंबे समय से नाले के किनारे चहारदीवारी बनाने की मांग उठाते रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक यात्रा के दौरान इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए नाले के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण जरूरी है। अब लोक निर्माण विभाग को मंजूरी मिलने से ग्रामीणों में खुशी है।
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कोट
ढाई किलोमीटर तक नाले के किनारे चहारदीवारी बनाई जाएगी। इसकी मंजूरी मिल चुकी है। कागजी कार्रवाई चल रही है। नए वर्ष में इस पर काम शुरू करा दिया जाएगा। - सिद्धार्थ, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, पुन्हाना