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Palwal News: मांगों के समर्थन में आशा वर्करों ने किया प्रदर्शन
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पलवल। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर सोमवार को जिले की सैकड़ों आशा वर्करों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। आशा वर्करों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें पूरी करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद यूनियन की ओर से अधिकारियों को मांगों का ज्ञापन भी सौंपा गया।
आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान जगबती डागर ने कहा कि आशा वर्कर पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, जबकि प्रोत्साहन राशि में कटौती की जा रही है।
यूनियन ने वर्ष 2025 में केंद्र सरकार की ओर से की गई 1500 रुपये की बढ़ोतरी लागू करने, वर्ष 2023 की हड़ताल के दौरान काटा गया मानदेय जारी करने और मातृत्व व मेडिकल अवकाश का मानदेय देने की मांग की। इसके अलावा आशा वर्करों को पक्का कर्मचारी घोषित करने, जब तक स्थायी कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, डेथ क्लेम बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा लाभ देने की मांग भी उठाई गई। संवाद
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आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान जगबती डागर ने कहा कि आशा वर्कर पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, जबकि प्रोत्साहन राशि में कटौती की जा रही है।
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यूनियन ने वर्ष 2025 में केंद्र सरकार की ओर से की गई 1500 रुपये की बढ़ोतरी लागू करने, वर्ष 2023 की हड़ताल के दौरान काटा गया मानदेय जारी करने और मातृत्व व मेडिकल अवकाश का मानदेय देने की मांग की। इसके अलावा आशा वर्करों को पक्का कर्मचारी घोषित करने, जब तक स्थायी कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, डेथ क्लेम बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा लाभ देने की मांग भी उठाई गई। संवाद
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