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Palwal News: न बैंड-बाजे का दिखावा, न मृत्यु भोज का बोझ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:54 AM IST
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No ostentatious display with bands and music, nor the burden of a funeral feast.
राजपूत और कोली समाज ने 52 पाल की महापंचायत को दिया समर्थन
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संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। मिंडकोला गांव में छह सितंबर को आयोजित 52 पालों की महापंचायत में कुरीतियों को दूर करने के लिए लिए गए फैसलों के समर्थन में विभिन्न समाज आगे आए। इसी कड़ी में रविवार को पलवल में राजपूत और कोली समाज की अलग-अलग महापंचायत हुई। दोनों पंचायतों में समाज के लोगों ने फैसलों का समर्थन करते हुए उन्हें सख्ती से लागू करने और लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।

सोहना रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन में राजपूत समाज की महापंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने की और संचालन संजय राणा ने किया। इसमें पूर्व विधायक शारदा राठौर, नयनपाल रावत, दीपक मंगला और पूर्व मंत्री करण दलाल सहित समाज के लोग मौजूद रहे। वहीं, न्यू कॉलोनी स्थित पंजाबी धर्मशाला में कोली समाज की महापंचायत की अध्यक्षता रणजीत सिंह ने की। वक्ताओं ने फैसलों को समाजहित में बताते हुए इनके पालन की अपील की।
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महापंचायतों में तय किया गया कि कन्यादान में अधिकतम 11 हजार रुपये, 11 बर्तन, परिवार के सदस्यों के कपड़े, एक संदूक, एक अलमारी, एक बेड, अधिकतम दो तोले सोना और 100 ग्राम चांदी के आभूषण ही दिए जा सकेंगे। सगाई में लड़के को एक रुपया, पांच कपड़े और एक किलो मिठाई देने तथा लड़के पक्ष से अधिकतम पांच लोगों के शामिल होने का नियम तय किया गया। लग्न की रस्म में कन्या पक्ष से केवल दो व्यक्ति जाएंगे।
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गोद भराई में पांच महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हो सकेंगे। लड़की को एक अंगूठी, एक जोड़ी कपड़े और एक किलो मिठाई देने का निर्णय लिया गया। भात न्योता देने अधिकतम 11 महिलाएं जा सकेंगी, जबकि भात में 11 व्यक्ति ही शामिल होंगे। भात में एक तोला सोना, 100 ग्राम चांदी के आभूषण और 101 रुपये देने की सीमा तय की गई।


महापंचायतों में मृत्यु भोज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और मृत्यु के एक वर्ष बाद कथा कराने की छूट देने का फैसला भी लिया गया। सामाजिक कार्यक्रमों में शराब और तेज संगीत पर रोक लगाई गई। बरात में अधिकतम 51 लोगों के शामिल होने और उनके लिए सादा शाकाहारी भोजन रखने के नियम भी तय किए गए थे।
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