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दिल्ली: तिहाड़ के हाई सिक्योरिटी वार्ड में गैंगस्टर नफे सिंह की संदिग्ध हालत में मौत, हार्ट अटैक की आशंका
Mon, 26 Oct 2026 01:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:27 AM IST
सार
तबीयत खराब होने पर उसे हरी नगर स्थित दीन दयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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तिहाड़ जेल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाहरी दिल्ली के नामी गैंगस्टर नफे सिंह उर्फ मंत्री की देश की सबसे बड़ी तिहाड़ जेल की हाई सिक्यूरिटी वार्ड में संदिग्ध हालत में मौत होने का सामने आया है। तबीयत खराब होने पर उसे हरी नगर स्थित दीन दयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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तिहाड़ जेल के प्रवक्ता रविकांत खरे ने गैंगस्टर की मौत की पुष्टि की है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था और उसे फरवरी 2017 में तथा बाद में फरवरी 2025 में भारत-नेपाल सीमा से लंबे समय बाद गिरफ्तार किया था। नफे सिंह पर मकोका सहित हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट के 14 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
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तिहाड़ अधिकारियों के अनुसार नफे सिंह उर्फ मंत्री तिहाड़ के हाई सिक्यूरिटी वार्ड नंबर-8 में बंद था। सुबह उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने लगी तो उसे डीडीयू अस्पताल ले जाया गया। तिहाड़ अधिकारियों का कहना है कि शुरूआती जांच में हार्ट अटैक से होने की बात सामने आ रही है। हालांकि उसके शरीर पर चोट आदि के निशान नहीं पाए गए है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही इस बात का खुलासा हो पाएगा कि गैंगस्टर की मौत कैसे हुई है।
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दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नफे सिंह उर्फ मंत्री दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात मंजीत महल गिरोह का मुख्य सदस्य और रणनीतिकार रहा है। नफे सिंह उर्फ मंत्री की कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के साथ गहरी और पुरानी दुश्मनी रही है। साल 2015 में नफे सिंह मंत्री द्वारा नंदू के साले सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या किए जाने के बाद से ही दोनों गुटों के बीच खूनी गैंगवार शुरू हुई थी।
इसके बदले में नंदू गैंग ने नफे सिंह के पिता की भी हत्या कर दी थी। कुछ समय पहले नाम का भ्रम हो गया था जब फरवरी 2024 में हरियाणा के बहादुरगढ़ में इनेलो नेता नफे सिंह राठी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसकी जिम्मेदारी विदेश में बैठे गैंगस्टर कपिल सांगवान (नंदू) ने ली थी।
नफे सिंह उर्फ 'मंत्री' दिल्ली के घुम्मनहेड़ा इलाके का रहने वाला एक कुख्यात अंतर-राज्यीय गैंगस्टर रहा है। वह जेल में बंद गैंगस्टर मंजीत महाल गैंग का मुख्य गुर्गा और करीबी सहयोगी रहा है। नफे सिंह का नाम स्कूल के समय से ही मारपीट और हत्या के प्रयासों के मामलों में आता रहा है। वह वर्ष 2002-2003 में केबल के व्यवसाय से जुड़ा, जिसके बाद वह गैंगस्टर मंजीत महाल के संपर्क में आया। दिसंबर 2015 में सुनील उर्फ 'डॉक्टर' की हत्या के बाद इनका गैंगवार ज्योति बाबा और कपिल सांगवान (नंदू) गैंग से बढ़ गई थी।