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158 करोड़ का एफडी घोटाला: कोटक महिंद्रा बैंक के अफसरों पर FIR, कर्मी गिरफ्तार; विजिलेंस रडार पर सीक्रेट खाते

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला Published by: Nivedita Updated Thu, 26 Mar 2026 08:44 AM IST
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सार

नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार कोटक महिंद्रा बैंक में 145.03 करोड़ रुपये की 16 फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडीआर) जमा थीं जिनकी मैच्योरिटी वैल्यू 158.02 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी। इनमें से 11 एफडीआर 16 फरवरी 2026 को ही मैच्योर हो चुकी थीं।

₹158 Crore FD Scam FIR Against Kotak Mahindra Bank Officials Secret Accounts Under Vigilance Radar
Arrest - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नगर निगम पंचकूला के 158 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) घोटाले की जांच तेज हो गई है।

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इस मामले में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के इंस्पेक्टर राकेश कुमार की तहरीर पर कोटक महिंद्रा बैंक, सेक्टर-11 के अज्ञात अधिकारियों व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।

रिकॉर्ड में 158 करोड़, बैंक स्टेटमेंट में भारी अंतर

नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार कोटक महिंद्रा बैंक में 145.03 करोड़ रुपये की 16 फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडीआर) जमा थीं जिनकी मैच्योरिटी वैल्यू 158.02 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी। इनमें से 11 एफडीआर 16 फरवरी 2026 को ही मैच्योर हो चुकी थीं। जब निगम ने बैंक से जवाब मांगा तो बैंक की ओर से पेश की गई 22 फरवरी और 16 मार्च की स्टेटमेंट आपस में ही मेल नहीं खा रही थीं।

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कुल रकम और हिसाब

इन 16 एफडीआर में कुल 145 करोड़ 3 लाख 41,704 रुपये जमा किए गए थे। जब 2026 में इनके मैच्योर होने का समय आया तो ब्याज मिलाकर यह राशि 158 करोड़ 2 लाख 36,420 रुपये होनी चाहिए थी।

बैंक का पक्ष : मिलान प्रक्रिया शुरू, पुलिस को दी शिकायत

नगर निगम के निर्देशों के बाद कोटक महिंद्रा बैंक ने एफडी और खातों के विस्तृत मिलान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैंक के प्रवक्ता का कहना है कि अब तक की जांच में खाता खोलने, केवाईसी और लेनदेन की प्रक्रियाएं बैंकिंग मानकों के अनुरूप पाई गई हैं। पारदर्शिता के लिए बैंक ने भी पंचकूला पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और जांच एजेंसियों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

कासगंज का है आरोपी

पकड़ा गया बैंक कर्मचारी उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला दिलीप सिंह राघव है, जो बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत था।

एसीबी ने बुधवार देर रात छापा मारकर आरोपी को दबोचा। प्रारंभिक जांच में एफडी से जुड़े लेन-देन में उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। घोटाले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी को वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी रिमांड लेकर उससे पूछताछ करेगी ताकि पूरे घोटाले के नेटवर्क, पैसों के ट्रांजैक्शन और अन्य शामिल लोगों का खुलासा किया जा सके। मामले की जांच अभी जारी है।

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