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Panchkula News: शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
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पंचकूला। सेक्टर-15 स्थित रघुनाथ मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित विपिन मिश्रा शास्त्री ने भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और मंदिर परिसर भगवान श्रीराम तथा हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
कथावाचक ने बताया कि माता सती के देह त्याग के बाद भगवान शिव तपस्या में लीन हो गए थे। इसी बीच असुर तारकासुर ने वरदान प्राप्त कर देवताओं के लिए संकट खड़ा कर दिया। सृष्टि की रक्षा के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और अंततः शिव-पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि यह प्रसंग समर्पण, धैर्य, तपस्या और अटूट श्रद्धा का संदेश देता है। माता पार्वती का जीवन लक्ष्य प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्प बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
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कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में कथा श्रवण किया। अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भी श्रीराम कथा के प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए जाएंगे।
कथावाचक ने बताया कि माता सती के देह त्याग के बाद भगवान शिव तपस्या में लीन हो गए थे। इसी बीच असुर तारकासुर ने वरदान प्राप्त कर देवताओं के लिए संकट खड़ा कर दिया। सृष्टि की रक्षा के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और अंततः शिव-पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ।
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उन्होंने कहा कि यह प्रसंग समर्पण, धैर्य, तपस्या और अटूट श्रद्धा का संदेश देता है। माता पार्वती का जीवन लक्ष्य प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्प बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में कथा श्रवण किया। अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भी श्रीराम कथा के प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए जाएंगे।