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Panchkula News: चेन स्नैचिंग के केस में सबूत कमजोर, आरोपी बरी
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पीड़िता नहीं कर सकी पहचान, बरामदगी भी नहीं हुई; अदालत ने दिया संदेह का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। चेन स्नैचिंग के मामले में सत्र अदालत ने सबूत कमजोर पाए जाने पर आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा और साक्ष्यों की कड़ी मजबूत नहीं है।
मामला 14 अक्टूबर 2022 का है, जब सेक्टर-25 में एक महिला अपनी सहेली के साथ बाजार से घर लौट रही थी। शाम करीब 6:50 बजे मोटरसाइकिल सवार युवक उनकी सोने की चेन झपटकर फरार हो गया। आरोपी हेलमेट पहने होने और अंधेरा होने के कारण उसका चेहरा स्पष्ट नहीं दिख पाया।
शुरुआत में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला और केस अनट्रेस कर दिया गया। करीब दो साल बाद क्राइम ब्रांच ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया, लेकिन यह कड़ी अदालत में साबित नहीं हो सकी।
सुनवाई के दौरान पीड़िता आरोपी की पहचान नहीं कर सकी और छीनी गई चेन भी बरामद नहीं हुई। अदालत ने कहा कि मोटरसाइकिल को घटना से जोड़ने के लिए भी कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कथनों या कमजोर साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। संदेह से परे आरोप साबित न होने पर आरोपी को बरी कर दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। चेन स्नैचिंग के मामले में सत्र अदालत ने सबूत कमजोर पाए जाने पर आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा और साक्ष्यों की कड़ी मजबूत नहीं है।
मामला 14 अक्टूबर 2022 का है, जब सेक्टर-25 में एक महिला अपनी सहेली के साथ बाजार से घर लौट रही थी। शाम करीब 6:50 बजे मोटरसाइकिल सवार युवक उनकी सोने की चेन झपटकर फरार हो गया। आरोपी हेलमेट पहने होने और अंधेरा होने के कारण उसका चेहरा स्पष्ट नहीं दिख पाया।
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शुरुआत में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला और केस अनट्रेस कर दिया गया। करीब दो साल बाद क्राइम ब्रांच ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया, लेकिन यह कड़ी अदालत में साबित नहीं हो सकी।
सुनवाई के दौरान पीड़िता आरोपी की पहचान नहीं कर सकी और छीनी गई चेन भी बरामद नहीं हुई। अदालत ने कहा कि मोटरसाइकिल को घटना से जोड़ने के लिए भी कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कथनों या कमजोर साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। संदेह से परे आरोप साबित न होने पर आरोपी को बरी कर दिया गया।