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Panchkula News: सड़कों पर उतरीं मिड डे मील वर्कर, 12 फरवरी को राज्यव्यापी हड़ताल का एलान
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न्यूनतम वेतन 26 हजार, पक्का दर्जा व रिटायरमेंट लाभ की मांग के लिए पंचकूला में जोरदार प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मिड डे मील वर्करों ने सोमवार को सेक्टर-5 धरना स्थल पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं वर्कर्स ने न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये, पक्के कर्मचारी का दर्जा, 12 महीने का वेतन तथा रिटायरमेंट लाभ देने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा (सीटू) की प्रदेश अध्यक्ष राजरानी और महासचिव जय भगवान ने कहा कि पिछले लगभग 30 वर्षों से मिड डे मील वर्कर्स सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार कर रही हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो कर्मचारी का दर्जा मिला और न ही न्यूनतम वेतन। उन्होंने बताया कि वर्कर्स को केवल 10 महीने का मानदेय दिया जाता है, जबकि कार्य लगभग 11 महीने करना पड़ता है। शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की तरह उन्हें भी 12 महीने का वेतन मिलना चाहिए, जो 26 हजार रुपये से कम न हो।
उन्होंने कहा कि स्कूलों के मर्ज व बंद होने से कई वर्कर्स का रोजगार छीना जा रहा है। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में घायल होने या मृत्यु की स्थिति में किसी प्रकार की आर्थिक सहायता का कोई प्रावधान नहीं है। सेवानिवृत्ति पर वर्षों की सेवा के बावजूद वर्कर्स को कोई लाभ नहीं मिलता।
प्रदर्शन में सीटू राज्य सचिव सतीश सेठी, यूनियन सचिव शरबती, प्रकाश चंद्र, लाल देवी, उपाध्यक्ष ओपी माटा, कोषाध्यक्ष सत्यवान सहित बड़ी संख्या में नेता व वर्कर्स मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी मिड डे मील वर्कर्स को पक्का किया जाए, 12 महीने का वेतन दिया जाए, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये निर्धारित किया जाए, रिटायरमेंट पर कम से कम तीन लाख रुपये दिए जाएं तथा वर्दी भत्ता दो हजार रुपये किया जाए।
इस दौरान यूनियन प्रतिनिधिमंडल की निदेशक मिड डे मील अमृता तथा मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव के साथ वार्ता हुई। अधिकारियों ने बताया कि वर्कर्स से बेगार न लेने, मुफ्त मेडिकल सुविधा देने तथा छंटनी की बजाय गांव के ही स्कूलों में समायोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। वर्दी भत्ता 600 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने तथा जनवरी माह में 15 दिन के कार्य का मानदेय देने की बात कही गई। साथ ही मानदेय वृद्धि व रिटायरमेंट लाभ के संबंध में सरकार को सिफारिश भेजने का आश्वासन दिया गया।
वार्ता के बाद यूनियन ने निर्णय लिया कि केंद्रीय श्रमिक एवं कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी को प्रदेश की सभी मिड डे मील वर्कर्स स्कूलों में खाना नहीं बनाएंगी और राज्यव्यापी हड़ताल व प्रदर्शनों में शामिल होंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मिड डे मील वर्करों ने सोमवार को सेक्टर-5 धरना स्थल पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं वर्कर्स ने न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये, पक्के कर्मचारी का दर्जा, 12 महीने का वेतन तथा रिटायरमेंट लाभ देने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा (सीटू) की प्रदेश अध्यक्ष राजरानी और महासचिव जय भगवान ने कहा कि पिछले लगभग 30 वर्षों से मिड डे मील वर्कर्स सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार कर रही हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो कर्मचारी का दर्जा मिला और न ही न्यूनतम वेतन। उन्होंने बताया कि वर्कर्स को केवल 10 महीने का मानदेय दिया जाता है, जबकि कार्य लगभग 11 महीने करना पड़ता है। शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की तरह उन्हें भी 12 महीने का वेतन मिलना चाहिए, जो 26 हजार रुपये से कम न हो।
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उन्होंने कहा कि स्कूलों के मर्ज व बंद होने से कई वर्कर्स का रोजगार छीना जा रहा है। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में घायल होने या मृत्यु की स्थिति में किसी प्रकार की आर्थिक सहायता का कोई प्रावधान नहीं है। सेवानिवृत्ति पर वर्षों की सेवा के बावजूद वर्कर्स को कोई लाभ नहीं मिलता।
प्रदर्शन में सीटू राज्य सचिव सतीश सेठी, यूनियन सचिव शरबती, प्रकाश चंद्र, लाल देवी, उपाध्यक्ष ओपी माटा, कोषाध्यक्ष सत्यवान सहित बड़ी संख्या में नेता व वर्कर्स मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी मिड डे मील वर्कर्स को पक्का किया जाए, 12 महीने का वेतन दिया जाए, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये निर्धारित किया जाए, रिटायरमेंट पर कम से कम तीन लाख रुपये दिए जाएं तथा वर्दी भत्ता दो हजार रुपये किया जाए।
इस दौरान यूनियन प्रतिनिधिमंडल की निदेशक मिड डे मील अमृता तथा मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव के साथ वार्ता हुई। अधिकारियों ने बताया कि वर्कर्स से बेगार न लेने, मुफ्त मेडिकल सुविधा देने तथा छंटनी की बजाय गांव के ही स्कूलों में समायोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। वर्दी भत्ता 600 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने तथा जनवरी माह में 15 दिन के कार्य का मानदेय देने की बात कही गई। साथ ही मानदेय वृद्धि व रिटायरमेंट लाभ के संबंध में सरकार को सिफारिश भेजने का आश्वासन दिया गया।
वार्ता के बाद यूनियन ने निर्णय लिया कि केंद्रीय श्रमिक एवं कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी को प्रदेश की सभी मिड डे मील वर्कर्स स्कूलों में खाना नहीं बनाएंगी और राज्यव्यापी हड़ताल व प्रदर्शनों में शामिल होंगी।