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Panchkula News: कंसलटेंट डाॅक्टर के सहारे चली ओपीडी, दवा और जांच के लिए भटके मरीज
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डिस्पेंसरी में अव्यवस्था का अंबार, सीलन, कबाड़ और अधूरी सुविधाएं
कंसलटेंट डॉक्टर के भरोसे ओपीडी, दवाओं की कमी और सीलन-कबाड़ से जूझते मरीज
अमर उजाला पड़ताल:
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-12ए स्थित डिस्पेंसरी में सुविधाओं के दावों की हकीकत अमर उजाला की पड़ताल में सामने आई। यहां इंचार्ज और दंत चिकित्सक के छुट्टी पर रहने से कंसलटेंट डॉक्टर के भरोसे ओपीडी चली, जबकि मरीजों को न तो पूरी दवाएं मिलीं और न ही पर्याप्त जांच सुविधाएं।
पड़ताल में सामने आया कि डिस्पेंसरी के कमरों में सीलन है और एक कमरे को कबाड़ का स्टोर बना दिया गया है। जगह की कमी के चलते दवाएं बाहर रखी जा रही हैं, जबकि यहां से करीब 50 सीएचसी और पीएचसी केंद्रों को दवाओं की सप्लाई होती है। बावजूद इसके, स्टोर व्यवस्था अब तक दुरुस्त नहीं की गई है। इंचार्ज और दंत चिकित्सक के अनुपस्थित रहने के कारण दांत के मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। मरीजों का कहना है कि सेक्टर में डिस्पेंसरी होने के बावजूद उन्हें बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
सेक्टर-6 जाना पड़ा
सेक्टर-12ए निवासी सुनील कुमार ने बताया कि दंत चिकित्सक न होने से उनका पर्ची तक नहीं बनी और उन्हें इलाज के लिए सेक्टर-6 सिविल अस्पताल जाना पड़ा।
बी-12 की दवा नहीं मिली
अनीशा ने बताया कि बुखार और संक्रमण के बावजूद उन्हें विटामिन बी-12 की दवा नहीं मिली। थायराइड जांच के लिए भी बाहर भेजा गया, जिससे परेशानी बढ़ी।
पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है
सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि डिस्पेंसरी में सीलन दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है। एस्टीमेट बनने के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा। डाॅक्टरों की कमी चल रही है। फिलहाल कंसलटेंट डाॅक्टर व्यवस्था संभाल रहे हैं।
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कंसलटेंट डॉक्टर के भरोसे ओपीडी, दवाओं की कमी और सीलन-कबाड़ से जूझते मरीज
अमर उजाला पड़ताल:
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-12ए स्थित डिस्पेंसरी में सुविधाओं के दावों की हकीकत अमर उजाला की पड़ताल में सामने आई। यहां इंचार्ज और दंत चिकित्सक के छुट्टी पर रहने से कंसलटेंट डॉक्टर के भरोसे ओपीडी चली, जबकि मरीजों को न तो पूरी दवाएं मिलीं और न ही पर्याप्त जांच सुविधाएं।
पड़ताल में सामने आया कि डिस्पेंसरी के कमरों में सीलन है और एक कमरे को कबाड़ का स्टोर बना दिया गया है। जगह की कमी के चलते दवाएं बाहर रखी जा रही हैं, जबकि यहां से करीब 50 सीएचसी और पीएचसी केंद्रों को दवाओं की सप्लाई होती है। बावजूद इसके, स्टोर व्यवस्था अब तक दुरुस्त नहीं की गई है। इंचार्ज और दंत चिकित्सक के अनुपस्थित रहने के कारण दांत के मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। मरीजों का कहना है कि सेक्टर में डिस्पेंसरी होने के बावजूद उन्हें बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
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सेक्टर-6 जाना पड़ा
सेक्टर-12ए निवासी सुनील कुमार ने बताया कि दंत चिकित्सक न होने से उनका पर्ची तक नहीं बनी और उन्हें इलाज के लिए सेक्टर-6 सिविल अस्पताल जाना पड़ा।
बी-12 की दवा नहीं मिली
अनीशा ने बताया कि बुखार और संक्रमण के बावजूद उन्हें विटामिन बी-12 की दवा नहीं मिली। थायराइड जांच के लिए भी बाहर भेजा गया, जिससे परेशानी बढ़ी।
पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है
सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि डिस्पेंसरी में सीलन दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है। एस्टीमेट बनने के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा। डाॅक्टरों की कमी चल रही है। फिलहाल कंसलटेंट डाॅक्टर व्यवस्था संभाल रहे हैं।
