पंचकूला निगम का एफडी घोटाला: कोटक महिंद्रा बैंक ने सरेंडर किए 127 करोड़, खामियां कबूलीं; 31.2 करोड़ बाकी
13 मार्च तक निगम के खाते में 50.07 करोड़ रुपये दर्शाए जा रहे थे, लेकिन 16 मार्च को यह राशि घटकर 2.17 करोड़ रह गई। महज पांच दिनों में करीब 48 करोड़ रुपये कम होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
विस्तार
पंचकूला नगर निगम के बहुचर्चित एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) घोटाले में नया घटनाक्रम सामने आया है।
बैंक खातों और एफडी के मिलान के दौरान सामने आई विसंगतियों के बीच कोटक महिंद्रा बैंक ने निगम के पास 127 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। हालांकि, निगम अधिकारियों के अनुसार अब भी करीब 31.2 करोड़ रुपये का हिसाब बाकी है।
कोटक महिंद्रा बैंक के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कबूला है कि एफडी और संबंधित खातों के मिलान में कुछ खामियां सामने आई हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थानों के साथ लंबे संबंधों को ध्यान में रखते हुए जांच पूरी होने तक 127 करोड़ रुपये नगर निगम के पास जमा कराए गए हैं। बैंक और निगम दोनों संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर मामले के तथ्यों की जांच कर रहे हैं।
नगर निगम की ओर से विकास कार्यों के लिए कोटक महिंद्रा बैंक में रखी गई 158.02 करोड़ रुपये की 16 एफडी बैंक रिकॉर्ड में नहीं मिल रही हैं। बैंक का दावा है कि वर्तमान में निगम की कोई भी सक्रिय एफडी शेष नहीं है।
पांच दिनों में बड़ा फेरबदल
13 मार्च तक निगम के खाते में 50.07 करोड़ रुपये दर्शाए जा रहे थे, लेकिन 16 मार्च को यह राशि घटकर 2.17 करोड़ रह गई। महज पांच दिनों में करीब 48 करोड़ रुपये कम होना गंभीर सवाल खड़े करता है। 22 फरवरी से 18 मार्च के बीच बैंक द्वारा बैलेंस और आंकड़ों में बार-बार बदलाव किए जाने से वित्तीय अनियमितता की आशंका और गहरा गई है।
निगम की लापरवाही भी उजागर
11 एफडी फरवरी 2026 में परिपक्व हो चुकी थीं लेकिन नगर निगम ने समय पर ध्यान नहीं दिया।
बैंक में दो ऐसे खाते भी मिले जिनका निगम के रिकॉर्ड में कोई उल्लेख नहीं था।
बैंक स्टेटमेंट और सरकारी रिकॉर्ड का नियमित मिलान नहीं किया गया जिससे स्थिति और बिगड़ी।
दिलीप राघव के घर से लैपटॉप-हार्ड डिस्क बरामद
नगर निगम के करोड़ों रुपये के एफडी घोटाले में एसीबी ने आरोपी दिलीप राघव से रिमांड के दौरान अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। रिमांड अवधि पूरी होने पर सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के दौरान एसीबी टीम ने आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी कर एक लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए। इन सभी को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इनसे वित्तीय लेनदेन और गड़बड़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
इसके अलावा आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जिसमें दो सिम कार्ड मिले हैं। मोबाइल डेटा की जांच में संदिग्ध संपर्कों और लेनदेन की जानकारी सामने आने की संभावना है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ अन्य व्यक्तियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका के संकेत भी दिए हैं। इसके आधार पर पुलिस अब संदिग्धों की तलाश में जुटी है। साथ ही, आरोपी द्वारा कुछ जानकारियां छिपाने की आशंका भी जताई जा रही है।
जांच एजेंसियां बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की गहन पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक जांच के बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।