{"_id":"6a2f14358b2d37388f00050d","slug":"731-took-the-mock-test-for-havildar-promotion-panipat-news-c-244-1-pnp1011-158927-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: हवलदार पदोन्नति के लिए 731 ने दिया मॉक टेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: हवलदार पदोन्नति के लिए 731 ने दिया मॉक टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:21 AM IST
विज्ञापन
पुलिस महानिरीक्षक करनाल मंडल अशोक कुमार साथ में नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। सिपाही से हवलदार पदोन्नति के लिए बी-1 परीक्षा से पहले रविवार को करनाल मंडल के तीन जिलों के 731 पुलिसकर्मियों का समालखा स्थित पाइट कॉलेज की कंप्यूटर लैब में ऑनलाइन मॉक टेस्ट कराया गया। यह परीक्षा पुलिस महानिरीक्षक करनाल मंडल अशोक कुमार (आईपीएस), डीसीपी सोनाक्षी सिंह (आईपीएस) व अन्य अधिकारियों की निगरानी में आयोजित की गई, जिसमें पानीपत, करनाल और कैथल के जवानों ने हिस्सा लिया।
पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल (आईपीएस) के दिशा-निर्देशों पर करनाल रेंज के पुलिसकर्मियों की बी-1 परीक्षा के लिए विशेष कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) करनाल मंडल अशोक कुमार (आईपीएस) कर रहे हैं। इसमें करनाल पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया और सोनीपत डीसीपी सोनाक्षी सिंह (आईपीएस) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि पुलिस विभाग में सिपाही से हवलदार पदोन्नति के लिए निर्धारित नियमों के तहत प्रक्रिया अपनाई जाती है। जिन सिपाहियों की सेवा पांच वर्ष पूरी हो चुकी है और जिनका सर्विस रिकॉर्ड संतोषजनक है, उन्हें पदोन्नति प्रक्रिया के तहत बी-1 परीक्षा से गुजरना होता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि यह ऑनलाइन परीक्षा पदोन्नति की पहली सीढ़ी है, जिसे बी-1 टेस्ट कहा जाता है और यह हर वर्ष सभी जिलों में आयोजित किया जाता है। फाइनल परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट इसलिए कराया जाता है ताकि पुलिसकर्मी परीक्षा प्रणाली को समझ सकें और वास्तविक परीक्षा में किसी प्रकार की गलती न हो। उन्होंने बताया कि मॉक टेस्ट के बाद इसी महीने फाइनल परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें ऑनलाइन टेस्ट के साथ-साथ शारीरिक परीक्षण भी शामिल होगा।
समालखा। सिपाही से हवलदार पदोन्नति के लिए बी-1 परीक्षा से पहले रविवार को करनाल मंडल के तीन जिलों के 731 पुलिसकर्मियों का समालखा स्थित पाइट कॉलेज की कंप्यूटर लैब में ऑनलाइन मॉक टेस्ट कराया गया। यह परीक्षा पुलिस महानिरीक्षक करनाल मंडल अशोक कुमार (आईपीएस), डीसीपी सोनाक्षी सिंह (आईपीएस) व अन्य अधिकारियों की निगरानी में आयोजित की गई, जिसमें पानीपत, करनाल और कैथल के जवानों ने हिस्सा लिया।
पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल (आईपीएस) के दिशा-निर्देशों पर करनाल रेंज के पुलिसकर्मियों की बी-1 परीक्षा के लिए विशेष कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) करनाल मंडल अशोक कुमार (आईपीएस) कर रहे हैं। इसमें करनाल पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया और सोनीपत डीसीपी सोनाक्षी सिंह (आईपीएस) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि पुलिस विभाग में सिपाही से हवलदार पदोन्नति के लिए निर्धारित नियमों के तहत प्रक्रिया अपनाई जाती है। जिन सिपाहियों की सेवा पांच वर्ष पूरी हो चुकी है और जिनका सर्विस रिकॉर्ड संतोषजनक है, उन्हें पदोन्नति प्रक्रिया के तहत बी-1 परीक्षा से गुजरना होता है।
उन्होंने बताया कि यह ऑनलाइन परीक्षा पदोन्नति की पहली सीढ़ी है, जिसे बी-1 टेस्ट कहा जाता है और यह हर वर्ष सभी जिलों में आयोजित किया जाता है। फाइनल परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट इसलिए कराया जाता है ताकि पुलिसकर्मी परीक्षा प्रणाली को समझ सकें और वास्तविक परीक्षा में किसी प्रकार की गलती न हो। उन्होंने बताया कि मॉक टेस्ट के बाद इसी महीने फाइनल परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें ऑनलाइन टेस्ट के साथ-साथ शारीरिक परीक्षण भी शामिल होगा।