{"_id":"69f12608cc0f1da59807e8bd","slug":"additional-municipal-commissioner-appointed-as-administrator-to-resolve-public-facilities-and-other-disputes-in-private-colonies-panipat-news-c-244-1-pnp1001-156266-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: प्राइवेट कॉलोनियों में जन सुविधाओं व दूसरे विवादों के समाधान के लिए नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त को लगाया प्रशासक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: प्राइवेट कॉलोनियों में जन सुविधाओं व दूसरे विवादों के समाधान के लिए नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त को लगाया प्रशासक
विज्ञापन
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते मंत्री कृष्ण बेदी। संवाद
विज्ञापन
पानीपत। जिले की प्राइवेट कॉलोनियों में जन सुविधाओं व दूसरे विवादों के लगातार सामने आने पर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी को प्रशासक लगाया है। उनके साथ पुलिस से एक डीएसपी और जिला नगर योजनाकार को शामिल किया है। इन मांगों में स्थानीय लोगों और कंपनियों के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकालेंगे और किसी प्रकार की कमी मिलने पर कानूनी कार्रवाई कराने के लिए अधिकृत रहेंगे।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवाएं) मंत्री कृष्ण कुमार ने मंगलवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में इसका फैसला लिया। बैठक में रियल एस्टेट कंपनियों के सुविधा न देने के दो मामले पहुंचे। ये पिछली कई बैठकों के लंबित मामले हैं। मंत्री कृष्ण बेदी ने अधिकारियों को कहा कि दोनों शिकायतों का समाधान अगली बैठक तक किया जाना चाहिए। इसमें कंपनी किसी प्रकार की लापरवाही करती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएं। मंत्री ने सेक्टर-18 के जगदीश पाल के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को सदन से ही गिरफ्तार करने के आदेश दिए। पुलिसकर्मी आरोपी को वहीं से पकड़कर ले गए। वहीं आरोपी ने अपना पक्ष रखा और कहा कि उनके पास पैसे का पूरा रिकॉर्ड है। वे झूठे हों तो उनके खिलाफ बेशक छह मुकदमे दर्ज कर लिए जाएं।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक मंगलवार को साढ़े 11 बजे शुरू की और यह करीब सवा एक बजे तक चली। बैठक में 12 शिकायतों को पटल पर रखा। इनमें से पांच का मौके पर ही समाधान कर दिया। बाकी सात शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा।
बैठक में पहली शिकायत सुल्तान सिंह व अन्य निवासी टीडीआई सिटी ने रखी। इसमें कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया गया। दूसरी शिकायत गुलशन तलवार व अन्य द्वारा पार्श्वनाथ कॉलोनी में जमीन व बुनियादी सुविधाओं से संबंधित रही। दोनों शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा लिया। मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि प्राइवेट कॉलोनियों में जनसुविधाओं की अनदेखी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले डेढ़ साल से लोग लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ लोगों की समस्या का समाधान किया जाता है तो दूसरे लोग आ रहे हैं। ऐसे में इसके समाधान के लिए एक निश्चित प्लेटफार्म होना चाहिए। तीसरी शिकायत जोगिंदर मलिक की हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण संपदा अधिकारी से संबंधित रही। इसमें प्लॉट आवंटन का मामला था। इस पर मंत्री ने मौके पर ही समाधान किया। चौथी शिकायत लक्ष्मी नगर के प्रवीण मदान की भूमि अधिग्रहण व रास्ते की समस्या की रही। इसका मौके पर समाधान किया गया।
शिकायतकर्ता बोले- बैंक हिंदी में लिखकर दें
पांचवीं शिकायत नई अनाज मंडी समालखा के रणधीर सिंह की रही। मंत्री ने कहा कि यह मामला डेढ़ साल पहले आया था। बैंक अधिकारी हर बार समय ले जाते हैं। इसका समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से समाधान के बारे में पूछा। अधिकारियों ने 10 मई तक मामले का हल करने का दावा किया। शिकायतकर्ता ने कहा कि वे बैंक में नहीं जाएंगे। अधिकारी अपनी जबरदस्ती चलाते हैं। बैंक का फैसला उनको हिंदी भाषा में लिखित में दिया जाए। मंत्री ने इसे लंबित रखा लिया। छठी शिकायत मयंक मित्तल की व्यावसायिक विवाद से संबंधित रही। इसमें कार्रवाई के निर्देश देते हुए अगली बैठक तक लंबित रखा गया।
एफआईआर पर जताया असंतोष
सेक्टर-18 के जगदीश पाल की कंस्ट्रक्शन कंपनी में धोखाधड़ी के मामले में पुलिस के एफआईआर दर्ज करने पर असंतोष जताया। मंत्री ने कहा कि एफआईआर दर्ज करना कोई कार्रवाई नहीं होती। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसी बीच आरोपी अपनी बात रखने पहुंच गया। मंत्री ने कुछ देर उनकी बातों को सुना। मंत्री ने इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को निर्देशित किया वहीं धमकी देने की बात पर एक और एफआईआर दर्ज करने को कहा। आरोपी से जुड़ा एक और मामला मंत्री के सामने रखा। इसमें सिंगपुरा के दलविंद्र ने धाखोधड़ी की शिकायत दी थी। उन्होंने नौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए। गुरुद्वारा के लहणा सिंह की शिकायत पर राजीनामा करा दिया गया।
कुर्ता पायजामा पहनना पड़ेगा, कोट पेंट के तो पैसे नहीं हैं
जींद जिले के हथवाला गांव के प्रदीप ने केसर ढाबा से कुर्सी, मेज, टेबल, जेनरेटर, बैटरी, एसी, पंखे व शेड चोरी करने का मामला रखा। उन्होंने पार्टनर पर चोरी के आरोप लगाए। उन्होंने उनके खिलाफ समालखा थाना पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच अधिकारी हवलदार विनोद ने कार्रवाई करने की बजाय लेन-देन का मामला बताकर केस बंद कर दिया। इस मामले डीएसपी और एएसपी भी जांच कर चुके हैं। अब ढाबे के सामने कट खोलने के मामले में मेरे खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज कर ली। उन्होंने पूरे मामले में पुलिस के जांच अधिकारी को कठघरे में खड़ा किया। मंत्री कृष्ण बेदी के एक सवाल पर प्रदीप ने कहा कि अब कुर्ता पायजामा ही पहनना पड़ेगा। कोट पेंट पहनने के पैसे हैं नहीं। मंत्री ने मामले में पुलिस अधिकारी को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
शिकायतकर्ता को 60 गज का कब्जा दिया जाए
गढ़ी केवल के रोहतास ने 2020 में करीब सात लाख रुपये में शामलात देह में खरीदे गड्ढे का कब्जा दिलवाने और मारपीट व जातिसूचक शब्द कहने के मामले में कार्रवाई की मांग की। इसमें दूसरे पक्ष ने भी अपने बचाव में अपनी बात रखी। मंत्री ने शिकायतकर्ता रोहताश को केवल 60 गज का कब्जा दिलवाने और बाकी मुक्त कराने के आदेश दिए। उनकी शिकायत पर मारपीट के आरोपी सत्य मिलने पर ही कार्रवाई की कही। मंत्री ने परशुराम कॉलोनी के लाेगों को प्लॉट देने के आदेश दिए और मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने लिए कहा। 12वीं शिकायत यमुनानगर के गांव जयधरी के राजबीर की रही। उन्होंने प्लाट खरीद में धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए। मंत्री ने एक प्लाॅट का दो जगह बयाना देने का मामले सामने आने पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा। पीड़ित को पूरी राशि न देने पर गिरफ्तार करने की बात कही। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त पंकज, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट व सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा उपस्थित रहे।
Trending Videos
सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवाएं) मंत्री कृष्ण कुमार ने मंगलवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में इसका फैसला लिया। बैठक में रियल एस्टेट कंपनियों के सुविधा न देने के दो मामले पहुंचे। ये पिछली कई बैठकों के लंबित मामले हैं। मंत्री कृष्ण बेदी ने अधिकारियों को कहा कि दोनों शिकायतों का समाधान अगली बैठक तक किया जाना चाहिए। इसमें कंपनी किसी प्रकार की लापरवाही करती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएं। मंत्री ने सेक्टर-18 के जगदीश पाल के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को सदन से ही गिरफ्तार करने के आदेश दिए। पुलिसकर्मी आरोपी को वहीं से पकड़कर ले गए। वहीं आरोपी ने अपना पक्ष रखा और कहा कि उनके पास पैसे का पूरा रिकॉर्ड है। वे झूठे हों तो उनके खिलाफ बेशक छह मुकदमे दर्ज कर लिए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक मंगलवार को साढ़े 11 बजे शुरू की और यह करीब सवा एक बजे तक चली। बैठक में 12 शिकायतों को पटल पर रखा। इनमें से पांच का मौके पर ही समाधान कर दिया। बाकी सात शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा।
बैठक में पहली शिकायत सुल्तान सिंह व अन्य निवासी टीडीआई सिटी ने रखी। इसमें कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया गया। दूसरी शिकायत गुलशन तलवार व अन्य द्वारा पार्श्वनाथ कॉलोनी में जमीन व बुनियादी सुविधाओं से संबंधित रही। दोनों शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा लिया। मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि प्राइवेट कॉलोनियों में जनसुविधाओं की अनदेखी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले डेढ़ साल से लोग लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ लोगों की समस्या का समाधान किया जाता है तो दूसरे लोग आ रहे हैं। ऐसे में इसके समाधान के लिए एक निश्चित प्लेटफार्म होना चाहिए। तीसरी शिकायत जोगिंदर मलिक की हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण संपदा अधिकारी से संबंधित रही। इसमें प्लॉट आवंटन का मामला था। इस पर मंत्री ने मौके पर ही समाधान किया। चौथी शिकायत लक्ष्मी नगर के प्रवीण मदान की भूमि अधिग्रहण व रास्ते की समस्या की रही। इसका मौके पर समाधान किया गया।
शिकायतकर्ता बोले- बैंक हिंदी में लिखकर दें
पांचवीं शिकायत नई अनाज मंडी समालखा के रणधीर सिंह की रही। मंत्री ने कहा कि यह मामला डेढ़ साल पहले आया था। बैंक अधिकारी हर बार समय ले जाते हैं। इसका समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से समाधान के बारे में पूछा। अधिकारियों ने 10 मई तक मामले का हल करने का दावा किया। शिकायतकर्ता ने कहा कि वे बैंक में नहीं जाएंगे। अधिकारी अपनी जबरदस्ती चलाते हैं। बैंक का फैसला उनको हिंदी भाषा में लिखित में दिया जाए। मंत्री ने इसे लंबित रखा लिया। छठी शिकायत मयंक मित्तल की व्यावसायिक विवाद से संबंधित रही। इसमें कार्रवाई के निर्देश देते हुए अगली बैठक तक लंबित रखा गया।
एफआईआर पर जताया असंतोष
सेक्टर-18 के जगदीश पाल की कंस्ट्रक्शन कंपनी में धोखाधड़ी के मामले में पुलिस के एफआईआर दर्ज करने पर असंतोष जताया। मंत्री ने कहा कि एफआईआर दर्ज करना कोई कार्रवाई नहीं होती। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसी बीच आरोपी अपनी बात रखने पहुंच गया। मंत्री ने कुछ देर उनकी बातों को सुना। मंत्री ने इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को निर्देशित किया वहीं धमकी देने की बात पर एक और एफआईआर दर्ज करने को कहा। आरोपी से जुड़ा एक और मामला मंत्री के सामने रखा। इसमें सिंगपुरा के दलविंद्र ने धाखोधड़ी की शिकायत दी थी। उन्होंने नौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए। गुरुद्वारा के लहणा सिंह की शिकायत पर राजीनामा करा दिया गया।
कुर्ता पायजामा पहनना पड़ेगा, कोट पेंट के तो पैसे नहीं हैं
जींद जिले के हथवाला गांव के प्रदीप ने केसर ढाबा से कुर्सी, मेज, टेबल, जेनरेटर, बैटरी, एसी, पंखे व शेड चोरी करने का मामला रखा। उन्होंने पार्टनर पर चोरी के आरोप लगाए। उन्होंने उनके खिलाफ समालखा थाना पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच अधिकारी हवलदार विनोद ने कार्रवाई करने की बजाय लेन-देन का मामला बताकर केस बंद कर दिया। इस मामले डीएसपी और एएसपी भी जांच कर चुके हैं। अब ढाबे के सामने कट खोलने के मामले में मेरे खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज कर ली। उन्होंने पूरे मामले में पुलिस के जांच अधिकारी को कठघरे में खड़ा किया। मंत्री कृष्ण बेदी के एक सवाल पर प्रदीप ने कहा कि अब कुर्ता पायजामा ही पहनना पड़ेगा। कोट पेंट पहनने के पैसे हैं नहीं। मंत्री ने मामले में पुलिस अधिकारी को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
शिकायतकर्ता को 60 गज का कब्जा दिया जाए
गढ़ी केवल के रोहतास ने 2020 में करीब सात लाख रुपये में शामलात देह में खरीदे गड्ढे का कब्जा दिलवाने और मारपीट व जातिसूचक शब्द कहने के मामले में कार्रवाई की मांग की। इसमें दूसरे पक्ष ने भी अपने बचाव में अपनी बात रखी। मंत्री ने शिकायतकर्ता रोहताश को केवल 60 गज का कब्जा दिलवाने और बाकी मुक्त कराने के आदेश दिए। उनकी शिकायत पर मारपीट के आरोपी सत्य मिलने पर ही कार्रवाई की कही। मंत्री ने परशुराम कॉलोनी के लाेगों को प्लॉट देने के आदेश दिए और मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने लिए कहा। 12वीं शिकायत यमुनानगर के गांव जयधरी के राजबीर की रही। उन्होंने प्लाट खरीद में धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए। मंत्री ने एक प्लाॅट का दो जगह बयाना देने का मामले सामने आने पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा। पीड़ित को पूरी राशि न देने पर गिरफ्तार करने की बात कही। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त पंकज, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट व सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा उपस्थित रहे।

जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते मंत्री कृष्ण बेदी। संवाद
