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Panipat News: पहले प्रयास में चूकी तो टाइम टेबल बना यूपीएससी में 117वीं रैंक की हासिल
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पानीपत। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में पानीपत के दो होनहारों ने अपनी मेहनत की चमक चारों तरफ बिखेरी है। मॉडल टाउन के विराट नगर की 22 वर्षीय श्रेया गुप्ता ने 114वीं रैंक हासिल की है। श्रेया की सफलता की कहानी सबसे हटकर है। उन्होंने पहले प्रयास में चूक जाने के बाद खुद को सोशल मीडिया व मोबाइल से दूर रखा और टाइम टेबल बनाकर अपने सपने को साकार किया। वहीं बड़ौली गांव के किसान ओमप्रकाश मिटान के बेटे मोहित मिटान ने 717वीं रैंक हासिल की हैं। मोहित दिल्ली में कोचिंग ले रहे हैं। इनके जुड़वा भाई रोहित भी इनके साथ यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे।
- श्रेया गुप्ता ने सेल्फ स्टडी से पाया मुकाम
श्रेया गुप्ता ने बताया कि उनके पिता रमेश गुप्ता जिला कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता और मां पूनम गुप्ता गृहिणी हैं। उन्होंने देश सेवा के लिए यूपीएससी में जाने का फैसला लिया था। इसके लिए नियमित रूप से अभ्यास कर रही थीं। वे पहले प्रयास में चूक गई थी। उन्होंने कमियों का सुधार करते हुए दोगुनी मेहनत की। उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान में जाने की बजाय सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन पढ़ाई का फैसला लिया। उन्होंने सोशल मीडिया और मोबाइल को दूर रखा औश्र टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई की। पिता रमेश गुप्ता ने बताया कि श्रेया ने सेंट मैरी कान्वेंट स्कूल से कॉमर्स में 12वीं पास की। लेडी श्रीराम कॉलेज दिल्ली में बीए पास किया। इसके साथ यूपीएससी की तैयारी की। उनके बड़े बेटे यश गुप्ता आईआईएम मुंबई में एमबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। बेटी श्रेया ने आज खुद के साथ उनका नाम भी रोशन कर दिया है।
- किसान के बेटे मोहित मिटान ने पाया मुकाम
बड़ौली गांव के मोहित मिटान के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। मोहित और रोहित जुड़वा हैं। दोनों दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। तीसरे बेटे मनीष मिटान खेतीबाड़ी करते हैं। उनकी बेटी पिंकी शादीशुदा हैं। वह स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करती है। उनकी पत्नी मंजू बाला गृहिणी है। उन्होंने कहा कि बेटे की इस सफलता पर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। मोहित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि परिजनों ने उनका मुकाम हासिल करने में पूरा साथ दिया है।
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- श्रेया गुप्ता ने सेल्फ स्टडी से पाया मुकाम
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- किसान के बेटे मोहित मिटान ने पाया मुकाम
बड़ौली गांव के मोहित मिटान के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। मोहित और रोहित जुड़वा हैं। दोनों दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। तीसरे बेटे मनीष मिटान खेतीबाड़ी करते हैं। उनकी बेटी पिंकी शादीशुदा हैं। वह स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करती है। उनकी पत्नी मंजू बाला गृहिणी है। उन्होंने कहा कि बेटे की इस सफलता पर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। मोहित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि परिजनों ने उनका मुकाम हासिल करने में पूरा साथ दिया है।