{"_id":"6a20853a51e587485a0aceda","slug":"an-ethanol-plant-with-a-capacity-of-90000-liters-will-be-built-at-the-sugar-mill-at-a-cost-of-rs-200-crore-panipat-news-c-244-1-pnp1001-158329-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: शुगर मिल में 200 करोड़ से बनेगा 90 हजार लीटर क्षमता का एथेनॉल प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: शुगर मिल में 200 करोड़ से बनेगा 90 हजार लीटर क्षमता का एथेनॉल प्लांट
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 04 Jun 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
पानीपत शुगर मिल। संवाद
- फोटो : अमित कुमार कुलश्रेष्ठ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जगमहेंद्र सरोहा
पानीपत। पानीपत शुगर मिल में प्रतिदिन 90 हजार लीटर क्षमता का एक नया एथेनॉल प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस प्लांट के निर्माण पर करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। यह प्लांट अगले 15 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। यह अनाज आधारित होगा और इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी सहित अन्य तेल कंपनियों को एथेनॉल की आपूर्ति करेगा।
यह प्लांट शून्य तरल निर्वहन तकनीक पर आधारित होगा, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव कम होगा। इसमें चावल, मक्का, बाजरा और गन्ने का शीरा कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जाएगा। शुगर मिल प्रबंधन ने इस एथेनॉल प्लांट के लिए टेंडर तैयार कर लिया है। इसी सप्ताह टेंडर जारी किया जाएगा और कार्य आदेश मिलने के 15 महीने के भीतर प्लांट चालू कर दिया जाएगा।
यह प्लांट 10.7 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। स्थानीय अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। टेंडर को उच्च खरीद समिति के पास भेजा जाएगा जो कंपनी और दरें तय करेगी। यह प्रदेश का सबसे अधिक क्षमता वाला एथेनॉल प्लांट होगा। इससे पहले कुरुक्षेत्र के शाहाबाद शुगर मिल की क्षमता 60 हजार लीटर प्रतिदिन है।
विज्ञापन
अनाज आधारित एथेनॉल प्लांट की कार्यप्रणाली
एथेनॉल एक जैव-ईंधन है जिसे पेट्रोल में मिलाकर उपयोग किया जाता है। अनाज आधारित प्लांट में मुख्य रूप से मक्का, चावल और बाजरा जैसे अनाज का उपयोग होता है। शुगर मिल में ऑफ सीजन के दौरान मक्का, चावल और बाजरा का प्रयोग किया जाएगा। बाकी छह महीने गन्ने के शीरे का उपयोग होगा। यह प्लांट पर्यावरण के अनुकूल होगा क्योंकि यह शून्य तरल निर्वहन पर आधारित है।
मिल का पिछला प्रदर्शन और राजस्व
पानीपत शुगर मिल ने इस बार 60 हजार क्विंटल शीरा बेचा था। यह शीरा 1625 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा गया। इससे मिल को करीब 10.70 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। मिल ने इस बार 38.41 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। यह प्रदेश के 10 सहकारी और हैफेड के एक मिल सहित कुल 11 शुगर मिलों में सबसे अधिक है। मिल ने 2.82 करोड़ यूनिट बिजली का निर्यात भी किया, जिससे 17.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सहकारी चीनी मिल में एथोनॉल प्लांट का टेंडर जल्द ही लगाया जाएगा। यह ग्रेन बेस आधारित होगा और प्रदेश का सबसे अधिक कैपेसिटी का बनाया जाएगा। इसे आईओसीएल और दूसरी तेल कंपनियों को दिया जाएगा।
नवदीप नैन, एमडी, सहकारी चीन मिल, पानीपत।
पानीपत। पानीपत शुगर मिल में प्रतिदिन 90 हजार लीटर क्षमता का एक नया एथेनॉल प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस प्लांट के निर्माण पर करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। यह प्लांट अगले 15 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। यह अनाज आधारित होगा और इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी सहित अन्य तेल कंपनियों को एथेनॉल की आपूर्ति करेगा।
यह प्लांट शून्य तरल निर्वहन तकनीक पर आधारित होगा, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव कम होगा। इसमें चावल, मक्का, बाजरा और गन्ने का शीरा कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जाएगा। शुगर मिल प्रबंधन ने इस एथेनॉल प्लांट के लिए टेंडर तैयार कर लिया है। इसी सप्ताह टेंडर जारी किया जाएगा और कार्य आदेश मिलने के 15 महीने के भीतर प्लांट चालू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह प्लांट 10.7 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा। स्थानीय अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। टेंडर को उच्च खरीद समिति के पास भेजा जाएगा जो कंपनी और दरें तय करेगी। यह प्रदेश का सबसे अधिक क्षमता वाला एथेनॉल प्लांट होगा। इससे पहले कुरुक्षेत्र के शाहाबाद शुगर मिल की क्षमता 60 हजार लीटर प्रतिदिन है।
Trending Videos
अनाज आधारित एथेनॉल प्लांट की कार्यप्रणाली
एथेनॉल एक जैव-ईंधन है जिसे पेट्रोल में मिलाकर उपयोग किया जाता है। अनाज आधारित प्लांट में मुख्य रूप से मक्का, चावल और बाजरा जैसे अनाज का उपयोग होता है। शुगर मिल में ऑफ सीजन के दौरान मक्का, चावल और बाजरा का प्रयोग किया जाएगा। बाकी छह महीने गन्ने के शीरे का उपयोग होगा। यह प्लांट पर्यावरण के अनुकूल होगा क्योंकि यह शून्य तरल निर्वहन पर आधारित है।
मिल का पिछला प्रदर्शन और राजस्व
पानीपत शुगर मिल ने इस बार 60 हजार क्विंटल शीरा बेचा था। यह शीरा 1625 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा गया। इससे मिल को करीब 10.70 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। मिल ने इस बार 38.41 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। यह प्रदेश के 10 सहकारी और हैफेड के एक मिल सहित कुल 11 शुगर मिलों में सबसे अधिक है। मिल ने 2.82 करोड़ यूनिट बिजली का निर्यात भी किया, जिससे 17.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सहकारी चीनी मिल में एथोनॉल प्लांट का टेंडर जल्द ही लगाया जाएगा। यह ग्रेन बेस आधारित होगा और प्रदेश का सबसे अधिक कैपेसिटी का बनाया जाएगा। इसे आईओसीएल और दूसरी तेल कंपनियों को दिया जाएगा।
नवदीप नैन, एमडी, सहकारी चीन मिल, पानीपत।

पानीपत शुगर मिल। संवाद- फोटो : अमित कुमार कुलश्रेष्ठ