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Panipat News: चरस तस्कर को 10 साल की कैद, एक लाख रुपये का जुर्माना
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पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत ने चरस तस्करी के आरोपी शोंधापुर भीम सिंह को दोषी करार देकर 10 साल की कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में दो आरोपी राजबीर व उम्मेद अदालत के सामने पेश नहीं हो रहे। अदालत दोनों को भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात एएसआई अरुण ने 22 अगस्त 2020 को मॉडल टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि टीम ने शोंधापुर गांव के पास से चरस तस्करी के शक में गांव के ही भीम सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 700 ग्राम चरस बरामद की थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि वह नांगलखेड़ी के उम्मेद से 45 हजार रुपये में 800 ग्राम चरस खरीदकर लाया था। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि यूपी के अमरोहा निवासी राजबीर व उम्मेद की आपस में दोस्ती है। दोनों चरस व सुल्फा की तस्करी करते हैं। पुलिस ने राजबीर और उम्मेद को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में राजबीर ने बताया कि उनके गांव से गंगा नदी छह किमी दूर है। नदी के किनारे बड़ी संख्या में भांग के पेड़ खड़े रहते हैं। जहां से लोग चरस व सुल्फा उतारकर बेचते हैं। उसने ढाई किग्रा चरस उम्मेद को बेची थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत से भीम सिंह को दोषी करार दिया है। उसको 10 साल की कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए। वहीं, इस मामले में राजबीर व उम्मेद जमानत पर बाहर आकर फरार हो गए। हाजिर न होने के कारण अदालत दोनों को भगोडा घोषित कर चुकी है।
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एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात एएसआई अरुण ने 22 अगस्त 2020 को मॉडल टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि टीम ने शोंधापुर गांव के पास से चरस तस्करी के शक में गांव के ही भीम सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 700 ग्राम चरस बरामद की थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि वह नांगलखेड़ी के उम्मेद से 45 हजार रुपये में 800 ग्राम चरस खरीदकर लाया था। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि यूपी के अमरोहा निवासी राजबीर व उम्मेद की आपस में दोस्ती है। दोनों चरस व सुल्फा की तस्करी करते हैं। पुलिस ने राजबीर और उम्मेद को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में राजबीर ने बताया कि उनके गांव से गंगा नदी छह किमी दूर है। नदी के किनारे बड़ी संख्या में भांग के पेड़ खड़े रहते हैं। जहां से लोग चरस व सुल्फा उतारकर बेचते हैं। उसने ढाई किग्रा चरस उम्मेद को बेची थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
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मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत से भीम सिंह को दोषी करार दिया है। उसको 10 साल की कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए। वहीं, इस मामले में राजबीर व उम्मेद जमानत पर बाहर आकर फरार हो गए। हाजिर न होने के कारण अदालत दोनों को भगोडा घोषित कर चुकी है।
