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Panipat News: ट्रांसफार्मर फुंकने से अंधेरे में डूबे शहर और कई गांव
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समालखा। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण उमस भरी गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। बीबीएमबी पानीपत पावर हाउस में आए तकनीकी संकट के कारण उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले तीन से चार दिनों से 100 केवी के ट्रांसफार्मर में खराबी आने की वजह से नारायणा गांव स्थित 33 केवी सब-स्टेशन पावर हाउस को मात्र 50 एम्पियर लोड की ही सप्लाई मिल पा रही है। इसके चलते नारायणा, ग्वालडा, ढोडपुर और ढिंडार गांव के खेतों व घरों में बिजली का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हालात इस कदर खराब हैं कि बीती रात चुलकाना गांव अड्डे पर 100 केवी का एक और ट्रांसफार्मर जल गया, इससे करीब 40 से 50 घरों की बत्ती पूरी तरह गुल हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अधिकारियों ने रात को कोई सुध नहीं ली, जिससे उन्हें पूरी रात अंधेरे और गर्मी में काटनी पड़ी।
खेतों में ठप पड़ी सिंचाई, किसान और ग्रामीण बेहाल
नारायणा गांव के सरपंच प्रतिनिधि प्रमोद शर्मा ने बताया कि बीबीएमबी पानीपत पावर हाउस में आई खराबी का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। नारायणा, गवालडा, ढोडपुर और ढिंडार गांव में पिछले कई दिनों से बिजली की आंख-मिचौली जारी है। इतना ही नहीं, इन गांवों से लगते खेतों की बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई करने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली न आने से ट्यूबवेल ठप पड़े हैं। इस बीच, विभाग ने अस्थाई व्यवस्था के तौर पर 33 केवी नारायणा से मनाना एपी की सप्लाई को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल मनाना गांव के 33 केवी सब-स्टेशन पर लोड डालकर किसी तरह चालू किया है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है।
अधिकारी बोले- ओवरलोडिंग और कम वोल्टेज के कारण लगाए जा रहे हैं कट
समालखा सब-डिवीजन के एसडीओ नरेश कुमार ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के प्रकोप के कारण वोल्टेज कम आ रही है और ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा हेडक्वार्टर के निर्देश पर गांवों और शहरों में आधे-आधे घंटे के घोषित-अघोषित बिजली कट लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 33 केवी पावटी में जीटी रोड फीडर का लोड बढ़कर 252 एंपीयर तक पहुंच गया है।चुलकाना गांव में वीरवार रात करीब 12:30 बजे अड्डे पर रखा 100 केवी ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण जल गया था।
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खेतों में ठप पड़ी सिंचाई, किसान और ग्रामीण बेहाल
नारायणा गांव के सरपंच प्रतिनिधि प्रमोद शर्मा ने बताया कि बीबीएमबी पानीपत पावर हाउस में आई खराबी का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। नारायणा, गवालडा, ढोडपुर और ढिंडार गांव में पिछले कई दिनों से बिजली की आंख-मिचौली जारी है। इतना ही नहीं, इन गांवों से लगते खेतों की बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई करने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली न आने से ट्यूबवेल ठप पड़े हैं। इस बीच, विभाग ने अस्थाई व्यवस्था के तौर पर 33 केवी नारायणा से मनाना एपी की सप्लाई को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल मनाना गांव के 33 केवी सब-स्टेशन पर लोड डालकर किसी तरह चालू किया है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है।
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अधिकारी बोले- ओवरलोडिंग और कम वोल्टेज के कारण लगाए जा रहे हैं कट
समालखा सब-डिवीजन के एसडीओ नरेश कुमार ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के प्रकोप के कारण वोल्टेज कम आ रही है और ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा हेडक्वार्टर के निर्देश पर गांवों और शहरों में आधे-आधे घंटे के घोषित-अघोषित बिजली कट लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 33 केवी पावटी में जीटी रोड फीडर का लोड बढ़कर 252 एंपीयर तक पहुंच गया है।चुलकाना गांव में वीरवार रात करीब 12:30 बजे अड्डे पर रखा 100 केवी ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण जल गया था।
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