Panipat: रेलवे के टीटीई की हत्या में पांचों दोषियों को आजीवन कारावास, साल 2022 में हुआ था मर्डर
अदालत से दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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रेलवे के टीटीई उग्रोखड़ी गांव के मनप्रीत की 2022 में दशहरा पर्व पर हनुमान शोभायात्रा के दौरान हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष द्वारा मुकदमे की सुनवाई के दौरान 23 गवाहों की, अदालत के सामने गवाही करवाई गई। अदालत ने चश्मदीद की गवाही और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को सबसे अहम सबूत माना। इसी के आधार पर अदालत से दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि पांच अक्तूबर 2022 की शाम को उग्राखेड़ी के हिम्मत सिंह ने चांदनी बाग थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। उनका आरोप है कि वह दशहरे के दिन शाम को बाजार से अपने घर जा रहे थे, वह जैसे ही मलिक पेट्रोल पंप के पास पहुंचे तो हनुमान स्वरूप शोभायात्रा की भीड़ में शामिल कुछ लोग दो युवकों पर लाठी-डंडों और चाकुओं से हमला कर रहे थे। वह करीब पहुंचे तो देखा की हमलावरों ने उनके भतीजे मनप्रीत सिंह और उसके साथी मनीष पर हमला किया था। मनप्रीत चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उनको शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां चिकित्सकों ने मनप्रीत को मृत घोषित कर दिया था।
थाना चांदनी बाग पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। परिजनों ने बताया कि मनप्रीत सिंह रेलवे में टीटीई थे और हनुमान स्वरूप शोभायात्रा में शामिल हुए थे। पुलिस ने वारदात के छह दिन बाद नितिश, जयकरण उर्फ भुल्लर, कार्तिक उर्फ नीरज उर्फ पाती निवासी कुराड और सचिन उर्फ चीनू निवासी धनसौली व कपिल निवासी विद्यानंद कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया था। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चल रही थी। अदालत ने बुधवार को पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया था, साथ ही सजा के लिए वीरवार की तारीख दी थी।
अभियोजन पक्ष ने करवाई 23 गवाहों की गवाही
पुलिस ने चार्जशीट में 23 गवाह बनाए थे। जिसमें वारदात के चश्मदीद भी शामिल थे। मृतक के चाचा चश्मदीद हिम्मत सिंह की भी अदालत में गवाही करवाई गई, इसके साथ ही फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट को भी अहम सबूत के तौर पर पेश किया गया था। पुलिस ने एक आरोपी नितिश के कब्जे से चाकू बरामद किया था। इन सभी सबूतों को आधार मानते हुए अदालत ने वीरवार को पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।