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Panipat News: बिना एएनसी कार्ड अल्ट्रासाउंड करने पर पांच मशीनें सील

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 10:21 PM IST
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Five machines sealed for conducting ultrasound without ANC card
स्वास्थ्य विभाग की जांच में रिकॉर्ड अधूरा मिला, पानीपत के तीन और इसराना व समालखा के एक-एक अस्पताल पर कार्रवाई
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बावजूद जिले में पीएनडीटी एक्ट के नियमों की अनदेखी के मामले सामने आ रहे हैं। विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान पांच निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में नियमों का उल्लंघन मिलने पर अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दीं। संबंधित अस्पताल संचालकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. अभिनंदन वत्स ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसराना और समालखा क्षेत्र में एक-एक तथा पानीपत शहर में तीन निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान रिकॉर्ड अधूरा मिला। कुछ मामलों में गर्भवती महिलाओं के एएनसी कार्ड के बिना ही अल्ट्रासाउंड किए जाने की बात सामने आई। टीम ने नियमों की अनदेखी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय मलिक को सौंपी।
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डॉ. वत्स के अनुसार, नियमानुसार गर्भवती महिला के अल्ट्रासाउंड के लिए निर्धारित दस्तावेज और रिकॉर्ड का होना जरूरी है। निरीक्षण में इन नियमों का पालन नहीं किया गया था। सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने बताया कि नियमों की अवहेलना मिलने पर संबंधित अस्पतालों की अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दी गई हैं। अस्पताल संचालकों से जवाब मांगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ भविष्य में भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का पूरा नाम पूर्व-गर्भाधान एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 है। यह भारत में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और गिरते लिंगानुपात को संतुलित करने के लिए बनाया गया एक संघीय कानून है, जो 20 सितंबर 1994 को लागू हुआ था। यह कानून गर्भधारण से पहले या बाद में किसी भी तकनीक या अल्ट्रासाउंड के माध्यम से भ्रूण के लिंग की जांच करने या परिवार को इसका खुलासा करने पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है।
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