सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Hosabale said – express grief, but also pay attention to social harmony

Panipat: अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के बाद बोले होसबाले- दुख जताएं, पर सामाजिक सौहार्द का भी रखें ध्यान

अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 16 Mar 2026 06:27 AM IST
विज्ञापन
सार

संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि लोगों की भावनाओं में संघ दखल नहीं देता, हालांकि किसी भी घटना पर दुख या भावनाएं व्यक्त करने के दौरान दूसरे समुदाय की भावनाओं का ख्याल रखते हुए इसका तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए। 

Hosabale said – express grief, but also pay attention to social harmony
दत्तात्रेय होसबाले, सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की हत्या पर भारत में हो रहे प्रदर्शन के मामले में सामाजिक सौहार्द का ख्याल रखने का आह्वान किया है। संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि लोगों की भावनाओं में संघ दखल नहीं देता, हालांकि किसी भी घटना पर दुख या भावनाएं व्यक्त करने के दौरान दूसरे समुदाय की भावनाओं का ख्याल रखते हुए इसका तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए। 

Trending Videos


होसबाले ने कहा कि लोगों की भावनाओं में संघ का दखल नहीं होता। किसी भी व्यक्ति की मृत्यु पर शोक मनाना भारतीय मूल्यों, संस्कृति और सभ्यता का हिस्सा है। इसलिए, किसी की मृत्यु पर लोगों द्वारा दुख व्यक्त करने में कुछ भी गलत नहीं है, बशर्ते इससे समाज की शांति भंग न हो। संबंधित व्यक्ति से लाख मतभेद के बावजूद किसी की मृत्यु पर दुख दुनिया में कहीं भी व्यक्त किया जा सकता है। भारतीय परंपराओं के अनुसार, किसी व्यक्ति से तब तक ही दुश्मनी हो सकती है जब तक वह जीवित है; मृत्यु के बाद कोई दुश्मनी नहीं रहती। हालांकि दुख मनाते समय सभी को सामाजिक सौहार्द का ख्याल रखना चाहिए। दुख मनाने का तरीका हमेशा शांतिपूर्ण होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईरान युद्ध पर सरकार का कदम सही
ईरान युद्ध के संदर्भ में होसबाले ने कहा कि भूराजनीतिक घटनाक्रमों पर हमारी कोई भूमिका नहीं है। युद्ध के कई और अलग-अलग कारण हो सकते हैं। पश्चिम एशियर में जो कुछ हो रहा है, उसमें हमारी भूमिका नहीं है। हम शांति के समर्थक हैं। हम चाहते हैं कि शत्रुता खत्म हो और मानव कल्याण के लिए शांति स्थापित हो। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में भारत सरकार देश के हितों के रक्षा के अनुरूप कूटनीतिक कदम उठा रही है। हम जल्द से जल्द समाधान और हालात सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।

यूजीसी नियम पर टिप्पणी से इन्कार, कहा-मामला कोर्ट में 
उच्च शिक्षण संस्थाओं में वंचित वर्ग से भेदभाव से निपटने संबंधी नियम के संदर्भ में होसबाले ने टिप्पणी से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला अब अदालत के विचाराधीन है। संघ विचाराधीन मामलों में कोई टिप्पणी नहीं करता। अब अदालत के निर्णय के बाद ही संघ कोई प्रतिक्रिया देगा।

भाजपा ने स्वयंसेवकों का रास्ता दिया, बाकी ने बंद रखा
दत्तात्रेय होसबाले ने आरएसएस और भाजपा के एकमत के प्रश्न पर कहा कि स्वयंसेवकों ने राजनीतिक दलों में जाने का विचार किया। भाजपा ने स्वयंसेवकों के लिए दरवाजे खोलकर रखे जबकि बाकी दलों ने बंद रखे। मुस्लिमों को संघ में लाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि संघ के भगवा झंडे को प्रणाम कर किसी की धर्म का व्यक्ति आ सकता है। संघ में पहले भी मुस्लिम कार्यकर्ता रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed