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Panipat News: उद्योगों को गैस नहीं मिल रही, सीपीसीबी लगातार कार्रवाई से रंगाई उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंचा
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पानीपत। पश्चिमी एशिया में तनाव की स्थिति के बाद उद्योगों को एलपीजी की आपूर्ति बंद है और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) उद्योगों पर लगातार जांच कर कार्रवाई कर रहा है। ऐसी स्थिति में रंगाई उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। पानीपत में करीब 300 उद्योग तो बंद हो चुके हैं। इससे दूसरे उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के बैनर तले उद्यमियों ने रविवार को सरकारी विश्राम गृह में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मिलकर अपनी समस्या रखी और इसमें स्थिति को देखते हुए कुछ राहत दिलवाने की मांग की। केंद्रीय मंत्री ने उद्यमियों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि उद्योगों में एलपीजी उपलब्ध नहीं है। पीएनजी की 600 यूनिट तय कर दी है। इतने में डाइंग यूनिट चला पाना मुश्किल हो गया है, इसके साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नमूने लेकर लगातार कार्रवाई कर रहा है। पिछले सप्ताह में पांच फैक्टरियों को बंद किया जा चुका है।
उद्यमी ऐसे में अपने उद्योग खुद ही बंद करने को मजबूर हैं। शहर में 300 फैक्टरी बंद हो चुकी हैं। वहीं निर्यातकों के ऑर्डर भी रुक गए हैं। फैक्टरी मालिक का स्थायी खर्चा होता है। फैक्टरी में कर्मचारी खाली बैठे है। ऐसे में उनको गैस उपलब्ध कराई जाएं। एसोसिएशन ने कहा रंगाई उद्योग का प्रदूषण नहीं है। छठ पूजा पर सभी इंडस्ट्री 10 दिन बंद रही थी। तब भी एएक्यूआई कम नहीं हो पाया था। यही स्थिति रही तो इंडस्ट्री दोबारा बंद हो सकती है। इस मौके पर वीरभान सिंगला, राजेश जैन, अंकुर गुप्ता, पंकज बंसल, दीपक सहगल, राजीव अग्रवाल, प्रवीन व विकास मौजूद रहे।
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पानीपत डायर्स एसोसिएशन के बैनर तले उद्यमियों ने रविवार को सरकारी विश्राम गृह में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मिलकर अपनी समस्या रखी और इसमें स्थिति को देखते हुए कुछ राहत दिलवाने की मांग की। केंद्रीय मंत्री ने उद्यमियों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि उद्योगों में एलपीजी उपलब्ध नहीं है। पीएनजी की 600 यूनिट तय कर दी है। इतने में डाइंग यूनिट चला पाना मुश्किल हो गया है, इसके साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नमूने लेकर लगातार कार्रवाई कर रहा है। पिछले सप्ताह में पांच फैक्टरियों को बंद किया जा चुका है।
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उद्यमी ऐसे में अपने उद्योग खुद ही बंद करने को मजबूर हैं। शहर में 300 फैक्टरी बंद हो चुकी हैं। वहीं निर्यातकों के ऑर्डर भी रुक गए हैं। फैक्टरी मालिक का स्थायी खर्चा होता है। फैक्टरी में कर्मचारी खाली बैठे है। ऐसे में उनको गैस उपलब्ध कराई जाएं। एसोसिएशन ने कहा रंगाई उद्योग का प्रदूषण नहीं है। छठ पूजा पर सभी इंडस्ट्री 10 दिन बंद रही थी। तब भी एएक्यूआई कम नहीं हो पाया था। यही स्थिति रही तो इंडस्ट्री दोबारा बंद हो सकती है। इस मौके पर वीरभान सिंगला, राजेश जैन, अंकुर गुप्ता, पंकज बंसल, दीपक सहगल, राजीव अग्रवाल, प्रवीन व विकास मौजूद रहे।