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Panipat News: तीसरे जुमा पर देश-दुनिया के लिए मांगी अमन-चैन की दुआ
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पानीपत। रमजान माह के तीसरे जुमा पर शुक्रवार को शहर की मस्जिदों व ईदगाह में रोजेदारों ने नमाज अदा की। नमाज से पहले उलेमा-ए-किराम ने जकात और एतकाफ के बारे में बताया गया। रोजेदारों ने देश-दुनिया में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। मॉडल टाउन स्थित ईदगाह में नमाजियों का भारी हुजूम उमड़ा।
मौलाना सादिक ने कहा कि इस महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद विशेष दुआ कराई गई। इसमें रोजेदारों ने देश-दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली की दुआ मांगी। दुआ करते समय कई रोजेदार भावुक हो गए और रो-रोकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी और रहमत की दुआ करते नजर आए। पुरानी कचहरी मस्जिद के कारी इजहार अहमद जामिया फलाहुल मुस्लिमीन ने इस्लाम में जकात की अहमियत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस्लाम में जकात को अहम दर्जा दिया गया है। जकात देने से माल पाक होता है और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद होती है। उन्होंने रोजेदारों से अपील की है कि वे अपनी जकात सही हकदार तक पहुंचाएं ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी रमजान और ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। कारी इजहार ने बताया कि मस्जिद में नमाज के दौरान सुरक्षा की व्यवस्था रही। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और अल्लाह से इस मुबारक महीने की बरकतें हासिल होने की दुआ की।
इमाम मस्जिद दरगाह कलंदर साहब के इमाम मौलाना जावेद ने एतकाफ की फजीलत के बारे में बताया। उलेमा ने कहा कि रमजान के आखिरी दस दिनों में एतकाफ बैठना बहुत बड़ा सवाब है। एतकाफ के दौरान इंसान दुनियावी कामों से दूर होकर सिर्फ अल्लाह की इबादत में मशगूल रहता है और अपने गुनाहों की माफी मांगता है।
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मौलाना सादिक ने कहा कि इस महीने में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद विशेष दुआ कराई गई। इसमें रोजेदारों ने देश-दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली की दुआ मांगी। दुआ करते समय कई रोजेदार भावुक हो गए और रो-रोकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी और रहमत की दुआ करते नजर आए। पुरानी कचहरी मस्जिद के कारी इजहार अहमद जामिया फलाहुल मुस्लिमीन ने इस्लाम में जकात की अहमियत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस्लाम में जकात को अहम दर्जा दिया गया है। जकात देने से माल पाक होता है और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद होती है। उन्होंने रोजेदारों से अपील की है कि वे अपनी जकात सही हकदार तक पहुंचाएं ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी रमजान और ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। कारी इजहार ने बताया कि मस्जिद में नमाज के दौरान सुरक्षा की व्यवस्था रही। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और अल्लाह से इस मुबारक महीने की बरकतें हासिल होने की दुआ की।
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इमाम मस्जिद दरगाह कलंदर साहब के इमाम मौलाना जावेद ने एतकाफ की फजीलत के बारे में बताया। उलेमा ने कहा कि रमजान के आखिरी दस दिनों में एतकाफ बैठना बहुत बड़ा सवाब है। एतकाफ के दौरान इंसान दुनियावी कामों से दूर होकर सिर्फ अल्लाह की इबादत में मशगूल रहता है और अपने गुनाहों की माफी मांगता है।