{"_id":"6a4d6ee030b43308d30ca9f1","slug":"panipat-highways-submerged-in-water-panipat-news-c-244-1-pnp1001-160215-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: पानी में डूबे पानीपत के हाईवे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: पानी में डूबे पानीपत के हाईवे
विज्ञापन
जीटी रोड पर खादी आश्रम के बाहर जमा बारिश के पानी में फंसे वाहन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। मानसून की शुरुआती बारिश ने ही शहर में पानी निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हुई मध्यम से तेज बारिश के कारण औद्योगिक नगरी पानीपत के मुख्य मार्ग और नेशनल हाईवे (जीटी रोड) तालाब में तब्दील हो गए। लोगों का कहना था पानीपत पानीपथ बन गया है।
पानीपत में दोपहर बाद करीब एक घंटे में करीब 30 एमएम बारिश में सबसे बुरे हालात जीटी रोड पर खादी आश्रम के सामने देखने को मिले। यहां घुटनों तक पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पानीपत-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे स्थित एलिवेटेड हाईवे की एक लेन तक पानी पहुंच गया।
पानीपत-हरिद्वार और पानीपत-जींद स्टेट हाईवे पर भी पानी जमा हो गया। इस जलभराव के चलते हाईवे पर करीब एक किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। इससे हजारों लोग घंटों फंसे रहे।
विज्ञापन
मंगलवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे अचानक आसमान में काले बादल छाए और तेज बौछारें शुरू हो गईं। इसके बाद दोपहर ढाई बजे एक बार फिर बादल घिर आए। इसके साथ बारिश आफत बनकर बरसी। जीटी रोड खादी आश्रम के सामने पानी जमा हो गया। जीटी रोड संजय चौक, जिला नागरिक अस्पताल के बाहर सर्विस लेन, असंध रोड किशोर गार्ड, पानीपत-हरिद्वार स्टेट हाईवे और पानीपत-जींद स्टेट हाईवे पर पानी जमा हो गया।
दोपहिया वाहन चालकों की थमी सांसें
जीटी रोड और सर्विस लेन पर छोटे वाहनों के साइलेंसर में पानी घुस गया। इससे दर्जनों गाड़ियां और दुपहिया वाहन बीच सड़क पर ही बंद हो गए। जलभराव के कारण दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग घुटने भर पानी में अपनी बाइक और स्कूटी को धक्का मारते नजर आए। हाईवे पर जलभराव के चलते वाहनों की कतारें संजय चौक से लेकर मलिक पेट्रोल पंप तक पहुंच गईं। ट्रैफिक को सुचारू करने में पुलिसकर्मियों को भी भारी मशक्कत करनी पड़ी।
जीटी रोड पर खादी आश्रम के बाहर बारिश का पानी जमा होने की सूचना मिली थी। निगम के एमई और अन्य अधिकारी मशीन के साथ निकासी बहाल करने में लगे हुए हैं। निगम के पंप लगातार चल रहे हैं। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
पानीपत। मानसून की शुरुआती बारिश ने ही शहर में पानी निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हुई मध्यम से तेज बारिश के कारण औद्योगिक नगरी पानीपत के मुख्य मार्ग और नेशनल हाईवे (जीटी रोड) तालाब में तब्दील हो गए। लोगों का कहना था पानीपत पानीपथ बन गया है।
पानीपत में दोपहर बाद करीब एक घंटे में करीब 30 एमएम बारिश में सबसे बुरे हालात जीटी रोड पर खादी आश्रम के सामने देखने को मिले। यहां घुटनों तक पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पानीपत-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे स्थित एलिवेटेड हाईवे की एक लेन तक पानी पहुंच गया।
विज्ञापन
पानीपत-हरिद्वार और पानीपत-जींद स्टेट हाईवे पर भी पानी जमा हो गया। इस जलभराव के चलते हाईवे पर करीब एक किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। इससे हजारों लोग घंटों फंसे रहे।
विज्ञापन
मंगलवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे अचानक आसमान में काले बादल छाए और तेज बौछारें शुरू हो गईं। इसके बाद दोपहर ढाई बजे एक बार फिर बादल घिर आए। इसके साथ बारिश आफत बनकर बरसी। जीटी रोड खादी आश्रम के सामने पानी जमा हो गया। जीटी रोड संजय चौक, जिला नागरिक अस्पताल के बाहर सर्विस लेन, असंध रोड किशोर गार्ड, पानीपत-हरिद्वार स्टेट हाईवे और पानीपत-जींद स्टेट हाईवे पर पानी जमा हो गया।
दोपहिया वाहन चालकों की थमी सांसें
जीटी रोड और सर्विस लेन पर छोटे वाहनों के साइलेंसर में पानी घुस गया। इससे दर्जनों गाड़ियां और दुपहिया वाहन बीच सड़क पर ही बंद हो गए। जलभराव के कारण दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग घुटने भर पानी में अपनी बाइक और स्कूटी को धक्का मारते नजर आए। हाईवे पर जलभराव के चलते वाहनों की कतारें संजय चौक से लेकर मलिक पेट्रोल पंप तक पहुंच गईं। ट्रैफिक को सुचारू करने में पुलिसकर्मियों को भी भारी मशक्कत करनी पड़ी।
जीटी रोड पर खादी आश्रम के बाहर बारिश का पानी जमा होने की सूचना मिली थी। निगम के एमई और अन्य अधिकारी मशीन के साथ निकासी बहाल करने में लगे हुए हैं। निगम के पंप लगातार चल रहे हैं। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।