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Panipat News: अस्पताल में बिजली गुल, अंधेरे में किया इंतजार
Tue, 11 Aug 2026 02:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 11 Aug 2026 02:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे दिव्यांग मरीज एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में इलाज के लिए भटक रहे हैं जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है। सोमवार को अस्पताल में एक्सरे लिए पहुंचे एक दिव्यांग को करीब तीन घंटे तक यहां-वहां चक्कर काटने पड़े। उसके बाद आधा घंटा लाइन में लगना पड़ा। वहीं अस्पताल में बार-बार बिजली कट होने से मरीजों को अंधेरे में बैठकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा।
मौसम में बदलाव से अस्पताल में आंखों में इंफेक्शन, गले और कान में दर्द, खांसी-जुकाम, बुखार के मरीज और कमर व जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी करीब 1500 रही। इसमें करीब 150 मेडिकल जांच के रहे। सोमवार को चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी न होने से करीब 30 मरीजों को वापस जाना पड़ा।
करीब डेढ़ तक घंटे तक काटता रहा चक्कर
तहसील कैंप निवासी रामेश्वर दास ने बताया कि उन्हें पेशाब की नली में समस्या हो गई है। चिकित्सक ने जांच कर एक्सरे कराने के लिए कहा। अस्पताल में एक्सरे ब्लॉक-बी में होता है। उन्हें ब्लॉक-ए में पर्ची बनवाकर ब्लॉक-B में एक्सरे कराने के लिए जाना पड़ा। इसमें करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। उनकी पत्नी उन्हें व्हीलचेयर पर यहां से वहां बार-बार चक्कर काटती रही। एक्सरे विभाग में भीड़ होने से उन्हें करीब एक घंटा बैठना पड़ा। उसके बाद चिकित्सक से दिखाने और दवा लेने में उन्हें आधे घंटे का समय लगा। दिव्यांगों के लिए अलग से सुविधा या प्राथमिकता की व्यवस्था हो तो उन्हें ऐसे धक्के न खाने पड़े।
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पहले पंजीकरण फिर जांच के लिए हुई परेशान : गीता
राजीव कॉलोनी निवासी गीता ने बताया कि उन्हें पैर की हड्डी में दर्द हैं। इसलिए वे सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंची। उसके बाद पंजीकरण और हड्डी रोग विशेषज्ञ से जांच में उसे करीब दो घंटे का समय लगा। चिकित्सक ने जांच कर एक्सरे कराने के लिए बोला। फिर उसे एक्सरे के लिए करीब एक घंटा बेंच पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। तीन घंटे के दौरान करीब चार से पांच बार बिजली कट लगे जिससे अस्पताल की लाइट भी बंद हो गई और उन्हें अंधेरे में बैठना पड़ा। सेंट्रल एसी न चलने से गर्मी भी लगी।
अस्पताल में बिजली कट की समस्या बनी हुई है। इसे ठीक करने के लिए कई बार पत्र भी लिखे गए हैं बाकी मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई है। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ
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मौसम में बदलाव से अस्पताल में आंखों में इंफेक्शन, गले और कान में दर्द, खांसी-जुकाम, बुखार के मरीज और कमर व जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी करीब 1500 रही। इसमें करीब 150 मेडिकल जांच के रहे। सोमवार को चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी न होने से करीब 30 मरीजों को वापस जाना पड़ा।
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करीब डेढ़ तक घंटे तक काटता रहा चक्कर
तहसील कैंप निवासी रामेश्वर दास ने बताया कि उन्हें पेशाब की नली में समस्या हो गई है। चिकित्सक ने जांच कर एक्सरे कराने के लिए कहा। अस्पताल में एक्सरे ब्लॉक-बी में होता है। उन्हें ब्लॉक-ए में पर्ची बनवाकर ब्लॉक-B में एक्सरे कराने के लिए जाना पड़ा। इसमें करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। उनकी पत्नी उन्हें व्हीलचेयर पर यहां से वहां बार-बार चक्कर काटती रही। एक्सरे विभाग में भीड़ होने से उन्हें करीब एक घंटा बैठना पड़ा। उसके बाद चिकित्सक से दिखाने और दवा लेने में उन्हें आधे घंटे का समय लगा। दिव्यांगों के लिए अलग से सुविधा या प्राथमिकता की व्यवस्था हो तो उन्हें ऐसे धक्के न खाने पड़े।
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पहले पंजीकरण फिर जांच के लिए हुई परेशान : गीता
राजीव कॉलोनी निवासी गीता ने बताया कि उन्हें पैर की हड्डी में दर्द हैं। इसलिए वे सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंची। उसके बाद पंजीकरण और हड्डी रोग विशेषज्ञ से जांच में उसे करीब दो घंटे का समय लगा। चिकित्सक ने जांच कर एक्सरे कराने के लिए बोला। फिर उसे एक्सरे के लिए करीब एक घंटा बेंच पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। तीन घंटे के दौरान करीब चार से पांच बार बिजली कट लगे जिससे अस्पताल की लाइट भी बंद हो गई और उन्हें अंधेरे में बैठना पड़ा। सेंट्रल एसी न चलने से गर्मी भी लगी।
अस्पताल में बिजली कट की समस्या बनी हुई है। इसे ठीक करने के लिए कई बार पत्र भी लिखे गए हैं बाकी मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई है। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ