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Panipat News: सीएचसी-पीएचसी समेत दस उप केंद्र जर्जर, चौपाल और पंचायत घरों में इलाज को मजबूर
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पानीपत। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सात महीने पहले दस सीएचसी-पीएचसी समेत उप केंद्र जर्जर घोषित किए जा चुके हैं लेकिन तीन केंद्रों को छोड़कर अभी तक किसी पर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में चिकित्सक व स्टाफ मरीजों को इलाज पंचायती घरों या चौपाल, मंदिरों में करने को मजबूर हैं। वहीं मरीजों को ज्यादातर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग निर्माण कार्य की जिम्मेदारी जिला परिषद की बता रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने दस सीएचसी, पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों जून 2025 में जर्जर घोषित किए थे। इनमें सीएचसी अहर, पीएचसी काबड़ी, उप केंद्र सींक, परढ़ाना, भाऊपुर, पाथरी, बुआना लाखू, शाहपुर, गढ़ी बेसिक व पूठर गांव में नए भवन बनाए जाने हैं। जिला परिषद द्वारा इनका निर्माण कराया जाना है। सात माह बाद भी इनमें तीन स्थानों पर कार्य शुरू हो पाया है। हाल में पीएचसी काबड़ी, सींक और पूठर उप केंद्र में ही निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने चौपाल और सरकारी भवनों में लोगों का इलाज करना पड़ रहा है।
बॉक्स
महिलाओं को उठानी पड़ रही ज्यादा परेशानी
परढ़ाना निवासी सरोज देवी ने बताया कि उनके गांव का उप केंद्र चौपाल में चल रहा है। कई महीने तो वहां भी कमरे की सुविधा फिर रंग-रोगन का काम चलने से परेशानी हुई। महिलाओं को यहां पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती हैं। नलबंदी कराने आने वाली महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है। बुआना लाखू गांव के रमेश ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र जर्जर होने के बाद नया नहीं मिल पाया है। निर्माण कार्य में देरी से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
वर्जन :
सीएचसी-पीएचसी और उप केंद्र जर्जर घोषित कर जिला परिषद को निर्माण के लिए पत्र लिखा था। इनका निर्माण कार्य जिला परिषद द्वारा किया जाना है। मरीजों के लिए पंचायत घरों, चौपालों में इलाज की व्यवस्था की गई है। यहां किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाती।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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स्वास्थ्य विभाग ने दस सीएचसी, पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों जून 2025 में जर्जर घोषित किए थे। इनमें सीएचसी अहर, पीएचसी काबड़ी, उप केंद्र सींक, परढ़ाना, भाऊपुर, पाथरी, बुआना लाखू, शाहपुर, गढ़ी बेसिक व पूठर गांव में नए भवन बनाए जाने हैं। जिला परिषद द्वारा इनका निर्माण कराया जाना है। सात माह बाद भी इनमें तीन स्थानों पर कार्य शुरू हो पाया है। हाल में पीएचसी काबड़ी, सींक और पूठर उप केंद्र में ही निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने चौपाल और सरकारी भवनों में लोगों का इलाज करना पड़ रहा है।
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महिलाओं को उठानी पड़ रही ज्यादा परेशानी
परढ़ाना निवासी सरोज देवी ने बताया कि उनके गांव का उप केंद्र चौपाल में चल रहा है। कई महीने तो वहां भी कमरे की सुविधा फिर रंग-रोगन का काम चलने से परेशानी हुई। महिलाओं को यहां पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती हैं। नलबंदी कराने आने वाली महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है। बुआना लाखू गांव के रमेश ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र जर्जर होने के बाद नया नहीं मिल पाया है। निर्माण कार्य में देरी से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
वर्जन :
सीएचसी-पीएचसी और उप केंद्र जर्जर घोषित कर जिला परिषद को निर्माण के लिए पत्र लिखा था। इनका निर्माण कार्य जिला परिषद द्वारा किया जाना है। मरीजों के लिए पंचायत घरों, चौपालों में इलाज की व्यवस्था की गई है। यहां किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाती।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।