पानीपत रिफाइनरी में मजदूरों का प्रदर्शन फिर हिंसक: पुलिस पर पथराव; लाठीचार्ज में एक मजदूर घायल; हाथ टूटा
पानीपत प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम और डीएसपी मौके पर तैनात हैं। अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों को समझाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी में ठेका मजदूरों का तनाव आज तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को मजदूरों ने रिफाइनरी रोड पर जाम लगाकर धरना दिया, जिसके दौरान पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें एक मजदूर का हाथ टूट गया। फिलहाल माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, दोनों तरफ भारी भीड़ और सुरक्षा बल तैनात हैं।
सूत्रों के अनुसार, मजदूर सुबह से रोड जाम करके बैठे थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन मजदूर नहीं माने और भीड़ उग्र हो गई। पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर मजदूरों को खदेड़ा। घायल मजदूर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम और डीएसपी मौके पर तैनात हैं। अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों को समझाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन श्रमिक अड़े हुए हैं कि मांगें पूरी होने की लिखित पुष्टि मिलने के बाद ही वे काम पर लौटेंगे। रिफाइनरी के पी-25 प्रोजेक्ट समेत अन्य निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। सुरक्षा के मद्देनजर सभी गेटों पर भारी पुलिस और सीआईएसएफ बल तैनात है।
उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं
- 12 घंटे की बजाय 8 घंटे की ड्यूटी हो।
- वेतन भुगतान हर महीने 1 से 7 तारीख के बीच हो।
- IOCL के बोर्ड रेट के अनुसार वेतन और बेसिक सैलरी मिले।
- दुर्घटना में मृतक के परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी।
- ओवरटाइम का डबल भुगतान।
- सभी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय छुट्टियां मिलें।
- ड्यूटी 26 दिनों की हो।
- रिफाइनरी के पास अस्पताल, सस्ती कैंटीन, पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था।
- PF कटौती सही ढंग से हो और ईएसआई कार्ड सभी मजदूरों को मिले।
- ठेकेदारों द्वारा मांगों का पालन न करने पर FIR और ब्लैकलिस्टिंग।
यह प्रदर्शन सोमवार से शुरू हुआ था, जब हजारों मजदूरों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, कई गाड़ियां तोड़ीं और CISF को हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। बुधवार को भी स्थिति बिगड़ने पर वाहन तैनात किए गए हैं। एसडीएम, डीएसपी और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, जो मजदूरों को काम पर लौटने की अपील कर रहे हैं।