{"_id":"6973ed9f22384e6f84097f54","slug":"the-city-is-painted-in-the-colors-of-goddess-saraswati-panipat-news-c-244-1-pnp1007-151068-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: ज्ञान, संगीत, कला और विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती के रंग में रंगा शहर, चुलकाना धाम पर बदले गए बाबा श्याम के वस्त्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: ज्ञान, संगीत, कला और विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती के रंग में रंगा शहर, चुलकाना धाम पर बदले गए बाबा श्याम के वस्त्र
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो- 32, 34,और 37
-वसंत पंचमी पर मां सरस्वती के रंग में रंगा शहर
-चुलकाना स्थित श्याम बाबा मंदिर में वसंत पंचमी पर शुक्रवार को वस्त्र बदले
-मंदिर में सुबह ही भक्त पहुंचना शुरू हो गए
-इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में वसंत पंचमी मनाई
-चुलकाना धाम पर इस बार एक से 19 फरवरी तक बाबा के वस्त्र बांटे जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। वसंत पंचमी पर शहर मां सरस्वती के रंग में रंगा नजर आया। जगह-जगह मां सरस्वती की कथा, भजन-कीर्तन कार्यक्रम किए। मंदिरों व संस्थाओं में पूरा दिन भंडारे की व्यवस्था रही जहां श्रद्धालुओं ने मां का प्रसाद चखा और महिला मंडलियों ने भजन-कीर्तन किया।
पूर्वांचल महासंघ द्वारा सेक्टर-25 में नजदीक विजय मोटर के सरस्वती पूजा महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। महासंघ के सदस्य कुमार चंदन ने बताया कि सुबह 10 बजे मूर्ति स्थापना कार्यक्रम हुआ। उसके बाद मां सरस्वती की पूजा आरती की गई। रात्रि को मां सरस्वती का जागरण हुआ जिसमें आस-पास के लोगों ने भाग लिया और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। सनातन धर्म शिव मंदिर में मां का पीले फूलों से शृंगार किया गया। मंदिर की महिला मंडली ने भजन-कीर्तन किया और पंडित ने मां सरस्वती की कथा सुनाई। गणेश मंदिर में वसंत पर मां के सभी स्वरूपों की विशेष पूजा की गई। प्रधान बलदेव गांधी और महासचिव हरीश बंसल ने बताया कि वसंत पंचमी के उपलक्ष्य में मां की पूजा कर पीले मीठे चावल का भोग लगाया गया। मंदिर की महिला मंडली ने भजन-कीर्तन कार्यक्रम किया और समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया। वहीं अंसल स्थित बांके बिहारी मंदिर में पूजन कर फूलों की होली खेली।
बॉक्स
ब्रह्मकुमारी के केंद्र में किया मां का गुणगान
ब्रह्माकुमारी सेंटर सेक्टर -25 पर बसंत पंचमी पर कार्यक्रम किया। मां सरस्वती के भजनों की प्रस्तुति दी और आरती की। केंद्र की मुख्य संचालिका बीके अंजना बहन कहा कि वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा की जाती है। यह दिन ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है। सरस्वती देवी हिंदू धर्म में ज्ञान,संगीत,कला,और विद्या की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। उन्हें ब्रह्मा की पत्नी और विश्व की रचयिता के रूप में भी पूजा जाता है। सरस्वती देवी की पूजा से ज्ञान, बुद्धि, और कला में प्रवीणता प्राप्त होती है। इस मौके पर श्वेता, सोनिया, ममता,शीला, बिमला, कैलाश, शकुंतला व प्रोमिला मौजूद रही।
बॉक्स
साल में एक बार वसंत पंचमी पर बदले जाता है बाबा के वस्त्र
समालखा। चुलकाना धाम स्थित बाबा श्याम धाम में वसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को मध्यरात्रि में बाबा श्याम के वस्त्र बदले गए। मंदिर की मान्यता अनुसार बाबा के वस्त्र श्रद्धालुओं में बांटे जाएंगे इस बार ये एक से 19 फरवरी तक बांटे जाएंगे।
मंदिर के प्रधान रोशनलाल छौक्कर ने बताया कि धाम को पीले गुब्बारों से सजाया गया। परंपरा के अनुसार पुजारियों ने बाबा श्याम का पंचामृत से स्नान किया और बाबा का पीतांबर अधोवस्त्र बदला गया। यह परंपरा वर्ष में केवल एक बार वसंत पंचमी को निभाई जाती है जो हजारों वर्षों से चली आ रही है। बाबा का अलौकिक व मनमोहक शृंगार पीले फूलों व पीले वस्त्रों से किया गया। पीले रंग को वसंत ऋतु और ज्ञान की देवी सरस्वती का प्रतीक माना जाता है। इस दिन दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु धाम पर पहुंचते हैं। श्रद्धालु बाबा श्याम के भजनों पर झूमते नजर आए। रात से ही मौसम खराब हो गया था बारिश दिनभर होती रही लेकिन श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरा दिन लगी रही। बाबा के वस्त्र बांटे की प्रक्रिया एक से 19 फरवरी तक चलेगी। श्याम रसोई संस्था द्वारा केसर खीर का भंडारा पूरा दिन चला।
Trending Videos
-वसंत पंचमी पर मां सरस्वती के रंग में रंगा शहर
-चुलकाना स्थित श्याम बाबा मंदिर में वसंत पंचमी पर शुक्रवार को वस्त्र बदले
-मंदिर में सुबह ही भक्त पहुंचना शुरू हो गए
-इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में वसंत पंचमी मनाई
-चुलकाना धाम पर इस बार एक से 19 फरवरी तक बाबा के वस्त्र बांटे जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। वसंत पंचमी पर शहर मां सरस्वती के रंग में रंगा नजर आया। जगह-जगह मां सरस्वती की कथा, भजन-कीर्तन कार्यक्रम किए। मंदिरों व संस्थाओं में पूरा दिन भंडारे की व्यवस्था रही जहां श्रद्धालुओं ने मां का प्रसाद चखा और महिला मंडलियों ने भजन-कीर्तन किया।
पूर्वांचल महासंघ द्वारा सेक्टर-25 में नजदीक विजय मोटर के सरस्वती पूजा महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। महासंघ के सदस्य कुमार चंदन ने बताया कि सुबह 10 बजे मूर्ति स्थापना कार्यक्रम हुआ। उसके बाद मां सरस्वती की पूजा आरती की गई। रात्रि को मां सरस्वती का जागरण हुआ जिसमें आस-पास के लोगों ने भाग लिया और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। सनातन धर्म शिव मंदिर में मां का पीले फूलों से शृंगार किया गया। मंदिर की महिला मंडली ने भजन-कीर्तन किया और पंडित ने मां सरस्वती की कथा सुनाई। गणेश मंदिर में वसंत पर मां के सभी स्वरूपों की विशेष पूजा की गई। प्रधान बलदेव गांधी और महासचिव हरीश बंसल ने बताया कि वसंत पंचमी के उपलक्ष्य में मां की पूजा कर पीले मीठे चावल का भोग लगाया गया। मंदिर की महिला मंडली ने भजन-कीर्तन कार्यक्रम किया और समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया। वहीं अंसल स्थित बांके बिहारी मंदिर में पूजन कर फूलों की होली खेली।
विज्ञापन
विज्ञापन
बॉक्स
ब्रह्मकुमारी के केंद्र में किया मां का गुणगान
ब्रह्माकुमारी सेंटर सेक्टर -25 पर बसंत पंचमी पर कार्यक्रम किया। मां सरस्वती के भजनों की प्रस्तुति दी और आरती की। केंद्र की मुख्य संचालिका बीके अंजना बहन कहा कि वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा की जाती है। यह दिन ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है। सरस्वती देवी हिंदू धर्म में ज्ञान,संगीत,कला,और विद्या की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। उन्हें ब्रह्मा की पत्नी और विश्व की रचयिता के रूप में भी पूजा जाता है। सरस्वती देवी की पूजा से ज्ञान, बुद्धि, और कला में प्रवीणता प्राप्त होती है। इस मौके पर श्वेता, सोनिया, ममता,शीला, बिमला, कैलाश, शकुंतला व प्रोमिला मौजूद रही।
बॉक्स
साल में एक बार वसंत पंचमी पर बदले जाता है बाबा के वस्त्र
समालखा। चुलकाना धाम स्थित बाबा श्याम धाम में वसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को मध्यरात्रि में बाबा श्याम के वस्त्र बदले गए। मंदिर की मान्यता अनुसार बाबा के वस्त्र श्रद्धालुओं में बांटे जाएंगे इस बार ये एक से 19 फरवरी तक बांटे जाएंगे।
मंदिर के प्रधान रोशनलाल छौक्कर ने बताया कि धाम को पीले गुब्बारों से सजाया गया। परंपरा के अनुसार पुजारियों ने बाबा श्याम का पंचामृत से स्नान किया और बाबा का पीतांबर अधोवस्त्र बदला गया। यह परंपरा वर्ष में केवल एक बार वसंत पंचमी को निभाई जाती है जो हजारों वर्षों से चली आ रही है। बाबा का अलौकिक व मनमोहक शृंगार पीले फूलों व पीले वस्त्रों से किया गया। पीले रंग को वसंत ऋतु और ज्ञान की देवी सरस्वती का प्रतीक माना जाता है। इस दिन दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु धाम पर पहुंचते हैं। श्रद्धालु बाबा श्याम के भजनों पर झूमते नजर आए। रात से ही मौसम खराब हो गया था बारिश दिनभर होती रही लेकिन श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरा दिन लगी रही। बाबा के वस्त्र बांटे की प्रक्रिया एक से 19 फरवरी तक चलेगी। श्याम रसोई संस्था द्वारा केसर खीर का भंडारा पूरा दिन चला।