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Panipat News: जिला प्रशासन ने विस्थापितों को किया सम्मानित
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विभाजन की विभाजन विभीषिका पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी व नेता। संवाद
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पानीपत। जिला सचिवालय में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रशासन ने विभाजन के दौरान विस्थापित 12 से अधिक बुजुर्गों को सम्मानित किया। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विस्थापितों को गर्म चादरें भेंट कर उनका सम्मान किया। इस दौरान लोगों ने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानकर जीवन को दोबारा खड़ा करने वाले इन लोगों का धैर्य और संघर्ष देश के इतिहास का गौरवशाली हिस्सा है। उन्होंने विभाजन को लाखों परिवारों के सपनों और रिश्तों का भयावह बिखराव बताया। इस अवसर पर मेयर कोमल सैनी, जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति शर्मा और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद डॉ. किरण सिंह भी मौजूद रहीं। मुख्य नगर मजिस्ट्रेट टीनू पोसवाल और सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। गजेंद्र सलूजा ने अपने संबोधन में मानवीय त्रासदी से जुड़ी घटनाओं को साझा किया।
रमेश नागरू ने कहा कि विभाजन के दर्द को कभी भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने इससे सीख लेकर समाज में नफरत और भेदभाव के लिए कोई स्थान न होने का वातावरण बनाने पर जोर दिया। नागरू ने कहा कि आज की पीढ़ी को देश की एकता और भाईचारे का महत्व बताना जरूरी है। अंग्रेजों की फूट डालो-राज करो नीति ने देश को गहरा जख्म दिया था।
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तेज सिंह ने कहा कि विभाजन के दौरान लोगों ने अकल्पनीय परिस्थितियां झेलीं। उन्होंने इतिहास की इन घटनाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। इससे युवा पीढ़ी देश की एकता और अखंडता का महत्व समझ सकेगी। रघु गोविंद ने कहा कि विभाजन केवल जमीन का बंटवारा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों, रिश्तों और जीवन का बिखराव था। उन्होंने विस्थापितों के कठिन संघर्ष और जीवन को दोबारा खड़ा करने की बात कही। संवाद
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उपायुक्त ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानकर जीवन को दोबारा खड़ा करने वाले इन लोगों का धैर्य और संघर्ष देश के इतिहास का गौरवशाली हिस्सा है। उन्होंने विभाजन को लाखों परिवारों के सपनों और रिश्तों का भयावह बिखराव बताया। इस अवसर पर मेयर कोमल सैनी, जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति शर्मा और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद डॉ. किरण सिंह भी मौजूद रहीं। मुख्य नगर मजिस्ट्रेट टीनू पोसवाल और सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। गजेंद्र सलूजा ने अपने संबोधन में मानवीय त्रासदी से जुड़ी घटनाओं को साझा किया।
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रमेश नागरू ने कहा कि विभाजन के दर्द को कभी भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने इससे सीख लेकर समाज में नफरत और भेदभाव के लिए कोई स्थान न होने का वातावरण बनाने पर जोर दिया। नागरू ने कहा कि आज की पीढ़ी को देश की एकता और भाईचारे का महत्व बताना जरूरी है। अंग्रेजों की फूट डालो-राज करो नीति ने देश को गहरा जख्म दिया था।
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तेज सिंह ने कहा कि विभाजन के दौरान लोगों ने अकल्पनीय परिस्थितियां झेलीं। उन्होंने इतिहास की इन घटनाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। इससे युवा पीढ़ी देश की एकता और अखंडता का महत्व समझ सकेगी। रघु गोविंद ने कहा कि विभाजन केवल जमीन का बंटवारा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों, रिश्तों और जीवन का बिखराव था। उन्होंने विस्थापितों के कठिन संघर्ष और जीवन को दोबारा खड़ा करने की बात कही। संवाद