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Rewari News: 2 लाख क्विंटल सरसों की आवक, 70 प्रतिशत का हुआ उठान
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:45 PM IST
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फसल का चल रहा उठान कार्य। संवाद
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रेवाड़ी। नई अनाज मंडी में रविवार को पूरे दिन फसलों के उठान चला। अब तक मंडी में करीब 2 लाख क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। लगभग 70 प्रतिशत सरसों का उठान भी किया जा चुका है जबकि शेष फसल का उठान तेजी से जारी है। इन दिनों सरसों के साथ गेहूं की आवक बढ़ने के कारण मंडी फसलों से अट चुकी है। ऐसे में उठान पर जोर दिया जा रहा है।
सरसों की आवक पहले से ही जारी थी। वहीं अब गेहूं की फसल भी बड़े स्तर पर मंडी में पहुंचने लगी है। इसके चलते मंडी परिसर में जगह की कमी महसूस की जा रही है। मंडी में सरसों की खरीद निजी स्तर पर की जा रही है। व्यापारी किसानों से सीधे सरसों खरीद रहे हैं। उधर गेहूं की आवक बढ़ने से मंडी में दबाव और अधिक बढ़ गया है।
मंडी अधिकारियों का कहना है कि फसलों के सुचारु प्रबंधन के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्राथमिकता पर पुरानी फसल का उठान किया जा रहा है ताकि नई आवक के लिए स्थान बनाया जा सके। साथ ही किसानों को भी अपनी बारी के अनुसार फसल लाने की अपील की जा रही है।
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गेहूं की आवक तेजी से बढ़ने के आसार
मौसम साफ रहने के कारण अब गेहूं की आवक तेजी से बढ़ने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों तक रुक-रुककर हो रहे मौसम के बदलाव के चलते किसान फसल लेकर मंडी आने में सतर्कता बरत रहे थे लेकिन अब मौसम खुलने से किसानों ने अपनी उपज मंडी में लाना शुरू कर दिया है। ऐसे में यह सप्ताह मंडी प्रबंधन और किसानों दोनों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
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मंडियों में फसल खरीद को लेकर मापदंड निर्धारित
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा मंडियों में रबी फसल खरीद को लेकर मापदंड निर्धारित किए है। इसके तहत मंडियों में गेट पास फोटो सत्यापन के लिए वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट अनिवार्य की गई है। मंडियों में रबी फसल की खरीद के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। इसी के साथ सरकार द्वारा मंडियों में गेट पास फोटो सत्यापन के लिए वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट अनिवार्य किया है। गेट पास के लिए किसान का बायोमीट्रिक सत्यापन भी आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है।
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सरसों की आवक पहले से ही जारी थी। वहीं अब गेहूं की फसल भी बड़े स्तर पर मंडी में पहुंचने लगी है। इसके चलते मंडी परिसर में जगह की कमी महसूस की जा रही है। मंडी में सरसों की खरीद निजी स्तर पर की जा रही है। व्यापारी किसानों से सीधे सरसों खरीद रहे हैं। उधर गेहूं की आवक बढ़ने से मंडी में दबाव और अधिक बढ़ गया है।
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मंडी अधिकारियों का कहना है कि फसलों के सुचारु प्रबंधन के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्राथमिकता पर पुरानी फसल का उठान किया जा रहा है ताकि नई आवक के लिए स्थान बनाया जा सके। साथ ही किसानों को भी अपनी बारी के अनुसार फसल लाने की अपील की जा रही है।
गेहूं की आवक तेजी से बढ़ने के आसार
मौसम साफ रहने के कारण अब गेहूं की आवक तेजी से बढ़ने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों तक रुक-रुककर हो रहे मौसम के बदलाव के चलते किसान फसल लेकर मंडी आने में सतर्कता बरत रहे थे लेकिन अब मौसम खुलने से किसानों ने अपनी उपज मंडी में लाना शुरू कर दिया है। ऐसे में यह सप्ताह मंडी प्रबंधन और किसानों दोनों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
मंडियों में फसल खरीद को लेकर मापदंड निर्धारित
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा मंडियों में रबी फसल खरीद को लेकर मापदंड निर्धारित किए है। इसके तहत मंडियों में गेट पास फोटो सत्यापन के लिए वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट अनिवार्य की गई है। मंडियों में रबी फसल की खरीद के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। इसी के साथ सरकार द्वारा मंडियों में गेट पास फोटो सत्यापन के लिए वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट अनिवार्य किया है। गेट पास के लिए किसान का बायोमीट्रिक सत्यापन भी आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है।