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कन्यादान नहीं, शिक्षादान को अपनाएं : कंवर
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:40 PM IST
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बच्चों को केला वितरित करते कंवर सैनी। स्रोत : संस्था
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रेवाड़ी। महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर कोनसीवास रोड स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों के बीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों को फल, मिठाई, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई।
कंवर सिंह सैनी ने कहा कि बेटियों को शिक्षित करें और कन्यादान नहीं, शिक्षादान काे अपनाएं। असली आजादी तभी मिलेगी जब समाज छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने बताया कि महात्मा फुले ने अपना जीवन समाजसेवा को समर्पित किया और महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए पहला विद्यालय शुरू किया।
इस मौके पर सावित्रीबाई फुले के योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि फुले दंपती ने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने की पहल न की होती, तो आज महिलाएं इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं। इस अवसर पर भगवान दास सैनी, सोनिया सैनी, डॉ. अजीत मदौक, रोकी सैनी आदि मौजूद रहे।
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कंवर सिंह सैनी ने कहा कि बेटियों को शिक्षित करें और कन्यादान नहीं, शिक्षादान काे अपनाएं। असली आजादी तभी मिलेगी जब समाज छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने बताया कि महात्मा फुले ने अपना जीवन समाजसेवा को समर्पित किया और महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए पहला विद्यालय शुरू किया।
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इस मौके पर सावित्रीबाई फुले के योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि फुले दंपती ने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने की पहल न की होती, तो आज महिलाएं इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं। इस अवसर पर भगवान दास सैनी, सोनिया सैनी, डॉ. अजीत मदौक, रोकी सैनी आदि मौजूद रहे।