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Rewari News: पांच नए आयुष औषधालय खोलने की मंजूरी
Wed, 22 Jul 2026 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:21 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रदेश सरकार ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच नए आयुष औषधालय खोलने की मंजूरी दी है। आयुष विभाग ने लिसाना, करावरा मानकपुर, रोहड़ाई, जयसिंहपुरा और झाबुआ के लिए प्रस्ताव भेजे थे। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद इन औषधालयों को स्वीकृति मिली है।
प्रत्येक औषधालय के निर्माण पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर करीब तीन करोड़ रुपये का निवेश होगा। इन गांवों के आठ किलोमीटर के दायरे में फिलहाल कोई आयुष डिस्पेंसरी नहीं है। नए केंद्र खुलने से आसपास के गांवों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में जिले में 18 आयुष औषधालय संचालित हैं। इनमें चिकित्सकों के पद भरे हैं, पर फार्मासिस्ट की कमी है। 18 में से केवल नौ औषधालयों में फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। नए केंद्रों के लिए स्टाफ की उपलब्धता विभाग के सामने चुनौती रहेगी।
प्रत्येक आयुष औषधालय के लिए कम से कम 512 वर्ग फिट भवन आवश्यक है। इसमें ओपीडी, दवा वितरण केंद्र और चिकित्सा अधिकारी के बैठने की व्यवस्था होगी। जिला आयुष अधिकारी बसंत सैनी ने बताया कि ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को सरकार ने मंजूरी दी है। इन औषधालयों में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से उपचार मिलेगा। इन्हें वेलनेस सेंटर के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहां योग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा।
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रेवाड़ी। प्रदेश सरकार ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच नए आयुष औषधालय खोलने की मंजूरी दी है। आयुष विभाग ने लिसाना, करावरा मानकपुर, रोहड़ाई, जयसिंहपुरा और झाबुआ के लिए प्रस्ताव भेजे थे। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद इन औषधालयों को स्वीकृति मिली है।
प्रत्येक औषधालय के निर्माण पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर करीब तीन करोड़ रुपये का निवेश होगा। इन गांवों के आठ किलोमीटर के दायरे में फिलहाल कोई आयुष डिस्पेंसरी नहीं है। नए केंद्र खुलने से आसपास के गांवों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में जिले में 18 आयुष औषधालय संचालित हैं। इनमें चिकित्सकों के पद भरे हैं, पर फार्मासिस्ट की कमी है। 18 में से केवल नौ औषधालयों में फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। नए केंद्रों के लिए स्टाफ की उपलब्धता विभाग के सामने चुनौती रहेगी।
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प्रत्येक आयुष औषधालय के लिए कम से कम 512 वर्ग फिट भवन आवश्यक है। इसमें ओपीडी, दवा वितरण केंद्र और चिकित्सा अधिकारी के बैठने की व्यवस्था होगी। जिला आयुष अधिकारी बसंत सैनी ने बताया कि ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को सरकार ने मंजूरी दी है। इन औषधालयों में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से उपचार मिलेगा। इन्हें वेलनेस सेंटर के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहां योग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा।
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