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Rewari News: राजकीय स्कूलों में अब आर्ट्स-साइंस के छात्र भी सीखेंगे बिजनेस के गुर

Fri, 10 Jul 2026 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 10 Jul 2026 11:50 PM IST
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Arts and Science students in government schools will now also learn business skills.
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को अब बिजनेस का प्रशिक्षण दिया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के तहत शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों में व्यावसायिक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से कुशल बिजनेस चैलेंज (केबीसी) 3.0 आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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इसको लेकर जिले के सभी संबंधित स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस पहल की खास बात यह है कि अब बिजनेस और उद्यमिता की शिक्षा केवल कॉमर्स स्ट्रीम तक सीमित नहीं रहेगी। आर्ट्स और साइंस के विद्यार्थी भी रिस्क मैनेजमेंट, नवाचार और बिजनेस प्लान तैयार करने का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
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शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता की भावना विकसित करना है। चैलेंज के तहत प्रत्येक स्कूल में पांच-पांच विद्यार्थियों के समूह बनाए जाएंगे।
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सभी समूह मिलकर एक साझा बिजनेस आइडिया पर कार्य करेंगे और उसका मॉडल तैयार करेंगे। इससे विद्यार्थियों में टीमवर्क, सहयोग की भावना और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होगी।
विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए उद्यम लर्निंग फाउंडेशन को भी इस परियोजना से जोड़ा गया है। संस्था के विशेषज्ञ बच्चों को बिजनेस मॉडल तैयार करने, आइडिया को विकसित करने और उसे व्यावहारिक रूप देने संबंधी प्रशिक्षण देंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों में रोजगार पाने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने की सोच भी विकसित होगी।

पिछली बार विजेता टीमों को मिले थे 1-1 लाख रुपये
कुशल बिजनेस चैलेंज का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा में बेहतर अंक लाने तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें कम्युनिकेशन, क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, टीमवर्क और समस्या समाधान में दक्ष बनाना है। पिछले संस्करण केबीसी 2.0 में जिले से चयनित बेहतरीन बिजनेस आइडिया प्रस्तुत करने वाली टीमों को अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। इस बार भी विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, तैयार होंगे मास्टर ट्रेनर
कुशल बिजनेस चैलेंज (केबीसी) 3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के तहत एससीईआरटी गुरुग्राम के सहयोग से सभी ब्लॉकों से मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। चयनित शिक्षकों को पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद यही मास्टर ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। शिक्षा विभाग ने केबीसी के सफल संचालन के लिए संबंधित स्कूलों से शिक्षकों का नामांकन भी मांगा है। चयनित शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों के मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेंगे और बिजनेस आइडिया विकसित करने से लेकर स्टार्टअप मॉडल तैयार करने तक उनका मार्गदर्शन करेंगे।


वर्जन:

विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उनमें व्यावहारिक कौशल, नवाचार और उद्यमिता की सोच विकसित करना है। आर्ट्स और साइंस संकाय के विद्यार्थियों के पास बेहतरीन बिजनेस आइडिया होते हैं, जिन्हें यह मंच आगे बढ़ाने का अवसर देगा। सभी स्कूल प्रमुखों को समय सीमा के भीतर योग्य शिक्षकों का नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।-डॉ. दुष्यंत कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी।
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