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Rewari News: भाकियू चढूनी ने बाजरा भावांतर व क्षतिपूर्ति भुगतान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 09 Jan 2026 12:17 AM IST
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एसडीएम कोसली को ज्ञापन सौंपते भाकियू चढूनी। स्रोत : संगठन
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कोसली। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का एक शिष्ट मंडल एसडीएम विजय कुमार यादव से मिला और किसानों की लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। शिष्ट मंडल का नेतृत्व जिला प्रधान समय सिंह ने किया। पदाधिकारियों ने बाजरे की भावांतर राशि और क्षतिपूर्ति का भुगतान करने की मांग की।
इस दौरान समय सिंह ने कहा कि बाजरा भावांतर योजना वर्ष 2023 का भुगतान अभी तक किसानों को नहीं मिला है। इसके अलावा वर्ष 2025 के अंतर्गत करीब 90 करोड़ रुपये का भुगतान भी सरकार पर बकाया है। उन्होंने कहा कि यूनियन द्वारा इस संबंध में कई बार सरकार व प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया है।
किसान नेताओं ने बताया कि फसलों की क्षतिपूर्ति का पैसा भी अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा है, जबकि फसल बीमा योजना के भुगतान की स्थिति को लेकर भी किसानों में असमंजस बना हुआ है। इसे लेकर यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया।
इस पर एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाजरा भावांतर वर्ष 2023 व 2025 का भुगतान शीघ्र दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही बाजरा व कपास की क्षतिपूर्ति को लेकर भी संबंधित विभाग को पत्र लिखकर भुगतान सुनिश्चित कराने की कोशिश की जाएगी।
शिष्ट मंडल ने इस दौरान किसान भवनों के मुद्दे को भी उठाया। नेताओं ने कहा कि रेवाड़ी अनाज मंडी स्थित किसान भवन किसानों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन उन पर कर्मचारियों द्वारा कब्जा करने की नीयत दिखाई दे रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखने और प्रशासन को अवगत कराने की बात कही गई।
इस मौके पर जिला कार्यकारिणी प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा, महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, उप प्रधान मनीषा यादव (बोड़िया कमालपुर), वेद सुल्तानिया, राजकुमार, शीशराम, हरफूल, नीलम मूंदड़ा, रोशन लाल दरोगा तथा वीरेंद्र सिंह खेड़ा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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इस दौरान समय सिंह ने कहा कि बाजरा भावांतर योजना वर्ष 2023 का भुगतान अभी तक किसानों को नहीं मिला है। इसके अलावा वर्ष 2025 के अंतर्गत करीब 90 करोड़ रुपये का भुगतान भी सरकार पर बकाया है। उन्होंने कहा कि यूनियन द्वारा इस संबंध में कई बार सरकार व प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया है।
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किसान नेताओं ने बताया कि फसलों की क्षतिपूर्ति का पैसा भी अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा है, जबकि फसल बीमा योजना के भुगतान की स्थिति को लेकर भी किसानों में असमंजस बना हुआ है। इसे लेकर यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया।
इस पर एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाजरा भावांतर वर्ष 2023 व 2025 का भुगतान शीघ्र दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही बाजरा व कपास की क्षतिपूर्ति को लेकर भी संबंधित विभाग को पत्र लिखकर भुगतान सुनिश्चित कराने की कोशिश की जाएगी।
शिष्ट मंडल ने इस दौरान किसान भवनों के मुद्दे को भी उठाया। नेताओं ने कहा कि रेवाड़ी अनाज मंडी स्थित किसान भवन किसानों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन उन पर कर्मचारियों द्वारा कब्जा करने की नीयत दिखाई दे रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखने और प्रशासन को अवगत कराने की बात कही गई।
इस मौके पर जिला कार्यकारिणी प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा, महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, उप प्रधान मनीषा यादव (बोड़िया कमालपुर), वेद सुल्तानिया, राजकुमार, शीशराम, हरफूल, नीलम मूंदड़ा, रोशन लाल दरोगा तथा वीरेंद्र सिंह खेड़ा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।