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Rewari News: पर्यावरण नियमों की अनदेखी पर ईंट भट्ठे का लाइसेंस निलंबित, संचालन पर रोक
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:15 AM IST
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रेवाड़ी। गांव खड़गवास स्थित ईंट भट्ठा। स्रोत: शिकायतकर्ता
- फोटो : 1
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रेवाड़ी। जिला प्रशासन ने पर्यावरण नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए गांव खड़गवास स्थित मैसर्स रारिया ब्रिक्स उद्योग (ईंट भट्ठे) का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उपायुक्त अभिषेक मीणा के आदेश पर 8 अप्रैल को की गई। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अन्य ईंट भट्ठा संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन को इस ईंट भट्ठे के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद जांच कराई गई जिसमें सामने आया कि फर्म के पास हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी वैध कंसेंट टू ऑपरेट’ (सीटीओ) नहीं है। बोर्ड की ओर से 12 मार्च को ईमेल के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया गया कि फर्म को पहले दी गई सहमति को वापस ले लिया गया है और वर्तमान में उसके पास कोई वैध अनुमति नहीं है।
प्रशासन ने बताया कि इससे पहले 20 जनवरी को फर्म को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। उस दौरान फर्म की ओर से सीटीओ से संबंधित समस्या को दूर करने के लिए समय मांगा गया था। निर्धारित समयावधि के भीतर फर्म आवश्यक दस्तावेज और अनुमति प्रस्तुत करने में असफल रही, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान ईंट भट्ठे का किसी भी प्रकार का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। जब तक फर्म सक्षम प्राधिकारी से वैध सीटीओ प्राप्त कर प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत नहीं करती है, तब तक भट्ठे को दोबारा चालू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि आदेशों की अवहेलना कर भट्ठे का संचालन किया गया तो संबंधित फर्म के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी आदेश की प्रति भेजकर इसकी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि हरियाणा ईंट आपूर्ति नियंत्रण आदेश 1972 के तहत किसी भी ईंट भट्ठे के संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैध अनुमति होना अनिवार्य है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी है।
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प्रशासन को इस ईंट भट्ठे के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद जांच कराई गई जिसमें सामने आया कि फर्म के पास हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी वैध कंसेंट टू ऑपरेट’ (सीटीओ) नहीं है। बोर्ड की ओर से 12 मार्च को ईमेल के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया गया कि फर्म को पहले दी गई सहमति को वापस ले लिया गया है और वर्तमान में उसके पास कोई वैध अनुमति नहीं है।
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प्रशासन ने बताया कि इससे पहले 20 जनवरी को फर्म को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। उस दौरान फर्म की ओर से सीटीओ से संबंधित समस्या को दूर करने के लिए समय मांगा गया था। निर्धारित समयावधि के भीतर फर्म आवश्यक दस्तावेज और अनुमति प्रस्तुत करने में असफल रही, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान ईंट भट्ठे का किसी भी प्रकार का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। जब तक फर्म सक्षम प्राधिकारी से वैध सीटीओ प्राप्त कर प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत नहीं करती है, तब तक भट्ठे को दोबारा चालू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि आदेशों की अवहेलना कर भट्ठे का संचालन किया गया तो संबंधित फर्म के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी आदेश की प्रति भेजकर इसकी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि हरियाणा ईंट आपूर्ति नियंत्रण आदेश 1972 के तहत किसी भी ईंट भट्ठे के संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैध अनुमति होना अनिवार्य है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी है।