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Rewari News: आठ माह बाद भी विद्यार्थियों के लिए नहीं बने बस स्टॉप
Tue, 07 Jul 2026 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:46 PM IST
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रेवाड़ी। परिवहन विभाग के निर्देश के करीब आठ माह बाद भी जिले के रोडवेज रूटों पर विद्यार्थियों के चढ़ने-उतरने के लिए बस स्टॉप चिह्नित नहीं किए जा सके हैं। वहीं किसी भी स्थान पर ठहराव बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन निदेशालय ने सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देश दिए थे कि वे अपने जिले में विद्यार्थियों के लिए बसों के ठहराव स्थल तय कर वहां बोर्ड लगवाएं। साथ ही भीड़भाड़ वाले रूटों पर व्यस्त समय में अतिरिक्त बसें चलाने के भी निर्देश दिए गए थे। हालांकि जमीनी स्तर पर इन आदेशों का अब तक पालन नहीं हो सका है।
स्थिति यह है कि कई रूटों पर बसें निर्धारित समय से नहीं चल रहीं और कई बार फेरे भी रद्द हो जाते हैं। स्कूल और कॉलेज के समय बसें ओवरलोड होकर आती हैं। इसके कारण कई विद्यार्थियों को बस में जगह नहीं मिलती। कई बार चालक निर्धारित स्टॉप नहीं होने का हवाला देकर बस नहीं रोकते। इससे विद्यार्थियों को चलती बस में चढ़ने-उतरने का जोखिम उठाना पड़ता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर धारूहेड़ा, बावल और कोसली रूट पर सुबह 8 से 9 बजे के बीच बसों में अत्यधिक भीड़ रहती है और कई बसें बिना रुके ही निकल जाती हैं। इससे उन्हें स्कूल और कॉलेज पहुंचने में देरी होती है।
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चिह्नित करने के लिए सर्वे कराया जा रहा
रोडवेज महाप्रबंधक निरंजन कुमार ने बताया कि बसों के ठहराव स्थल चिह्नित करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ठहराव बोर्ड लगाए जाएंगे और चालकों को निर्देश दिए जाएंगे कि निर्धारित स्थानों पर विद्यार्थियों को देखकर बस अवश्य रोकें।
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परिवहन निदेशालय ने सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देश दिए थे कि वे अपने जिले में विद्यार्थियों के लिए बसों के ठहराव स्थल तय कर वहां बोर्ड लगवाएं। साथ ही भीड़भाड़ वाले रूटों पर व्यस्त समय में अतिरिक्त बसें चलाने के भी निर्देश दिए गए थे। हालांकि जमीनी स्तर पर इन आदेशों का अब तक पालन नहीं हो सका है।
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स्थिति यह है कि कई रूटों पर बसें निर्धारित समय से नहीं चल रहीं और कई बार फेरे भी रद्द हो जाते हैं। स्कूल और कॉलेज के समय बसें ओवरलोड होकर आती हैं। इसके कारण कई विद्यार्थियों को बस में जगह नहीं मिलती। कई बार चालक निर्धारित स्टॉप नहीं होने का हवाला देकर बस नहीं रोकते। इससे विद्यार्थियों को चलती बस में चढ़ने-उतरने का जोखिम उठाना पड़ता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर धारूहेड़ा, बावल और कोसली रूट पर सुबह 8 से 9 बजे के बीच बसों में अत्यधिक भीड़ रहती है और कई बसें बिना रुके ही निकल जाती हैं। इससे उन्हें स्कूल और कॉलेज पहुंचने में देरी होती है।
चिह्नित करने के लिए सर्वे कराया जा रहा
रोडवेज महाप्रबंधक निरंजन कुमार ने बताया कि बसों के ठहराव स्थल चिह्नित करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ठहराव बोर्ड लगाए जाएंगे और चालकों को निर्देश दिए जाएंगे कि निर्धारित स्थानों पर विद्यार्थियों को देखकर बस अवश्य रोकें।