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Rewari News: समय सीमा आज होगी खत्म, 70 फीसदी नालों की ही हुई सफाई

Tue, 30 Jun 2026 12:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 30 Jun 2026 12:53 AM IST
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Deadline expires today; only 70 percent of drains have been cleaned.
भाड़ावास गेट के पास नाले की बदहाल दशा। संवाद
रेवाड़ी। शहर के नालों की सफाई की समय सीमा 30 जून को समाप्त हो जाएगी लेकिन अभी तक नगर परिषद प्रशासन की ओर से सिर्फ 70 प्रतिशत नालों की सफाई की जा सकी है। शहर के कई प्रमुख नाले अब पूरी तरह साफ नहीं हुए हैं। ऐसे में मानसून के दौरान जलभराव की आशंका बनी हुई है।
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नालों की सफाई की पड़ताल करने पर नगर परिषद के दावे फेल नजर आए। कई स्थानों पर नालों की सफाई अधूरी मिली। नालों में गाद, प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा होने से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। सफाई कार्य शुरू तो किया गया है, लेकिन अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।
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नगर परिषद कार्यालय से महज 200 मीटर दूर स्थित नाले की हालत ही सफाई व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर बयां करती है। यहां नाला अब भी गंदगी से अटा पड़ा है। भाड़ावास गेट के पास नाले के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़क पर फैल गया है, जबकि निकाली गई गाद के ढेर लंबे समय से वहीं पड़े हैं। इससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय रेहड़ी संचालकों का कहना है कि बदबू के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। वहीं, पास स्थित पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मी भी दुर्गंध और गंदगी से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि हर बारिश में यह मार्ग तालाब जैसा बन जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से अधूरी सफाई जल्द पूरी कराने और नालों से निकाली गई गाद को तत्काल उठवाने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान जलभराव और गंदगी से राहत मिल सके।
नाला ओवरफ्लो हुआ तो पार्क में भर सकता है दूषित पानी
फायर विभाग कार्यालय मार्ग पर स्थित नाले की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। नाले में गाद और कचरा जमा है। इसके साथ लगते राव तुलाराम पार्क की दीवार में नाले की ओर कई बड़े छेद किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश होने पर नाले का गंदा पानी पार्क में प्रवेश कर सकता है। लोगों ने इस निर्माण पर भी सवाल उठाए हैं।
हर साल होते हैं दावे, जमीनी हकीकत अलग
भाड़ावास गेट निवासी अनिकेत कुमार ने कहा कि जब नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो समय रहते सफाई पूरी क्यों नहीं की जाती। राजू यादव का कहना है कि हर वर्ष सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन मानसून आते ही वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है। उनका आरोप है कि अधिकतर दावे केवल कागजों तक सीमित रहते हैं।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई : डीसी
उपायुक्त अभिषेक मीणा ने रेवाड़ी नगर परिषद, बावल और धारूहेड़ा नगर पालिकाओं सहित जिले के नालों और ड्रेनों की सफाई की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र का निरीक्षण कर 30 जून तक रिपोर्ट डीसी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव की समस्या संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद ने नालों और ड्रेनों की सफाई के लिए कुल 139.59 करोड़ रुपये के छह टेंडर जारी किए हैं। इनमें 102.36 करोड़ रुपये के चार टेंडर एक ही ठेकेदार को, जबकि 37.23 करोड़ रुपये के दो टेंडर दूसरे ठेकेदार को आवंटित किए गए हैं।
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