{"_id":"69d7f2fc10efc801d50ede94","slug":"decision-to-celebrate-ambedkar-jayanti-as-equality-day-rewari-news-c-198-1-rew1001-236487-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: आंबेडकर जयंती समानता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: आंबेडकर जयंती समानता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी। बैठक में भाग लेते दि हरियाणा अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक परिषद रेवाड़ी के पदा
- फोटो : 1
विज्ञापन
रेवाड़ी। दि हरियाणा अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक परिषद की बैठक मोहल्ला बाला सराय में प्रदेश अध्यक्ष खुशीराम शर्मा की अध्यक्षता में वीरवार को हुई। इसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती को समानता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि 14 अप्रैल को स्थानीय आंबेडकर चौक पर बाबा साहेब की जयंती मनाई जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष खुशीराम शर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान के जनक के रूप में जाना जाता है। वे महान समाज सुधारक, कुशल राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने अपने जीवनकाल में समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को समान अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया और देश को एक मजबूत संविधान दिया।
इस अवसर पर हवा सिंह बोहत, धर्मेंद्र कुमार जांगिड़, रणजीत सिंह बागोरिया, किशनलाल खिच्ची, भगवान दास चौहान, लीलाराम सोनी, महेंद्र कालड़ा, बिजेंद्र सैनी, लच्छीराम, देवेंद्र गोयल, प्रदीप मिस्त्री, ललित अग्रवाल, डॉ. विपिन शर्मा, कैलाश मौजूद रहे।
Trending Videos
बैठक में तय किया गया कि 14 अप्रैल को स्थानीय आंबेडकर चौक पर बाबा साहेब की जयंती मनाई जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष खुशीराम शर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान के जनक के रूप में जाना जाता है। वे महान समाज सुधारक, कुशल राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने अपने जीवनकाल में समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को समान अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया और देश को एक मजबूत संविधान दिया।
इस अवसर पर हवा सिंह बोहत, धर्मेंद्र कुमार जांगिड़, रणजीत सिंह बागोरिया, किशनलाल खिच्ची, भगवान दास चौहान, लीलाराम सोनी, महेंद्र कालड़ा, बिजेंद्र सैनी, लच्छीराम, देवेंद्र गोयल, प्रदीप मिस्त्री, ललित अग्रवाल, डॉ. विपिन शर्मा, कैलाश मौजूद रहे।