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Rewari News: एचटेट...23 परीक्षा केंद्रों में 9827 में 8047 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, 1780 रहे अनुपस्थित
Mon, 06 Jul 2026 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:20 AM IST
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केएलपी कॉलेज परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने के लिए प्रवेश करते परीक्षार्थी। संवाद
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रेवाड़ी। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के दूसरे दिन रविवार को जिले के 23 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में परीक्षा हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच 9827 में 8047 ने अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 1780 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
सुबह की पाली में लेवल-2 (टीजीटी) की परीक्षा आयोजित हुई। इस परीक्षा के लिए पंजीकृत 7 हजार 287 अभ्यर्थियों में 6 हजार 109 ने परीक्षा दी, जबकि 1 हजार 178 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा का समय सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक निर्धारित था।
दूसरी पाली में दोपहर 3 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक लेवल-1 (पीआरटी) की परीक्षा आयोजित हुई। इस परीक्षा में पंजीकृत 2 हजार 540 अभ्यर्थियों में से 1 हजार 938 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 602 अभ्यर्थी परीक्षा में नहीं पहुंचे।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पूरे जिले में दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर प्रशासन ने संतोष व्यक्त किया।
परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरे और मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। नोडल अधिकारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और फ्लाइंग स्क्वॉड पूरे समय निगरानी करते रहे। प्रश्नपत्रों के सीलबंद बॉक्स ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोले गए। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई।
हेयर पिन, नाक की कील और गले का धागा उतरवाया
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले महिला अभ्यर्थियों के हेयर पिन, नाक की कील, गले का धागा निकलवा दिया गया। परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को भी मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। केंद्रों के बाहर और भीतर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा केंद्रों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 लागू रही और आसपास की फोटोस्टेट की दुकानें भी बंद रखी गईं।
परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए थे जैमर और सीसीटीवी कैमरे
एचटेट परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई। अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले उनके अंगूठे के निशान और फोटो कैप्चर कर बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज की गई। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रत्येक कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी शुरू कर दी गई। नकल रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए, जिससे मोबाइल नेटवर्क और ब्लूटूथ डिवाइस निष्क्रिय रहे। वहीं, कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लाइव निगरानी रखी गई।
डीसी-एसपी ने किया परीक्षा केंद्र का दौरा
डीसी अभिषेक मीणा ने पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा के साथ जिला में विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र अधीक्षकों एवं ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को परीक्षा संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
अभ्यर्थी बोले
-कुछ प्रश्न काफी आसान थे तो कुछ कठिन। कुल मिलाकर पेपर का स्तर मध्यम रहा। साइकोलॉजी के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे, जबकि रीजनिंग और गणित के प्रश्न कठिन रहे। समय प्रबंधन संतोषजनक रहा और अधिकांश अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय में प्रश्न हल कर लिए। परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या नहीं आई, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।-हेमंत, परीक्षार्थी
- ईवीएस के प्रश्न अन्य विषयों की तुलना में कठिन थे। बाकी विषयों के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार प्रश्नपत्र का स्तर अधिक कठिन था। इसके बावजूद उनका मानना है कि परीक्षा का स्तर संतुलित रहा है और कटऑफ अच्छी रहने की संभावना है।-अंकुश, परीक्षार्थी
-इस बार का प्रश्नपत्र कठिन रहा। गणित के प्रश्न कठिन थे और उन्हें हल करने में काफी समय लगा। कई प्रश्नों का स्तर चुनौतीपूर्ण था, जिसके कारण समय थोड़ा कम महसूस हुआ। इस बार कटऑफ पिछले वर्ष की तुलना में कम रह सकती है। हालांकि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं।-आशीष, परीक्षार्थी
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सुबह की पाली में लेवल-2 (टीजीटी) की परीक्षा आयोजित हुई। इस परीक्षा के लिए पंजीकृत 7 हजार 287 अभ्यर्थियों में 6 हजार 109 ने परीक्षा दी, जबकि 1 हजार 178 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा का समय सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक निर्धारित था।
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दूसरी पाली में दोपहर 3 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक लेवल-1 (पीआरटी) की परीक्षा आयोजित हुई। इस परीक्षा में पंजीकृत 2 हजार 540 अभ्यर्थियों में से 1 हजार 938 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 602 अभ्यर्थी परीक्षा में नहीं पहुंचे।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पूरे जिले में दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर प्रशासन ने संतोष व्यक्त किया।
परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरे और मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। नोडल अधिकारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और फ्लाइंग स्क्वॉड पूरे समय निगरानी करते रहे। प्रश्नपत्रों के सीलबंद बॉक्स ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोले गए। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई।
हेयर पिन, नाक की कील और गले का धागा उतरवाया
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले महिला अभ्यर्थियों के हेयर पिन, नाक की कील, गले का धागा निकलवा दिया गया। परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को भी मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। केंद्रों के बाहर और भीतर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा केंद्रों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 लागू रही और आसपास की फोटोस्टेट की दुकानें भी बंद रखी गईं।
परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए थे जैमर और सीसीटीवी कैमरे
एचटेट परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई। अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले उनके अंगूठे के निशान और फोटो कैप्चर कर बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज की गई। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रत्येक कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी शुरू कर दी गई। नकल रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए, जिससे मोबाइल नेटवर्क और ब्लूटूथ डिवाइस निष्क्रिय रहे। वहीं, कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लाइव निगरानी रखी गई।
डीसी-एसपी ने किया परीक्षा केंद्र का दौरा
डीसी अभिषेक मीणा ने पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा के साथ जिला में विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र अधीक्षकों एवं ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को परीक्षा संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
अभ्यर्थी बोले
-कुछ प्रश्न काफी आसान थे तो कुछ कठिन। कुल मिलाकर पेपर का स्तर मध्यम रहा। साइकोलॉजी के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे, जबकि रीजनिंग और गणित के प्रश्न कठिन रहे। समय प्रबंधन संतोषजनक रहा और अधिकांश अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय में प्रश्न हल कर लिए। परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या नहीं आई, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।-हेमंत, परीक्षार्थी
- ईवीएस के प्रश्न अन्य विषयों की तुलना में कठिन थे। बाकी विषयों के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार प्रश्नपत्र का स्तर अधिक कठिन था। इसके बावजूद उनका मानना है कि परीक्षा का स्तर संतुलित रहा है और कटऑफ अच्छी रहने की संभावना है।-अंकुश, परीक्षार्थी
-इस बार का प्रश्नपत्र कठिन रहा। गणित के प्रश्न कठिन थे और उन्हें हल करने में काफी समय लगा। कई प्रश्नों का स्तर चुनौतीपूर्ण था, जिसके कारण समय थोड़ा कम महसूस हुआ। इस बार कटऑफ पिछले वर्ष की तुलना में कम रह सकती है। हालांकि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं।-आशीष, परीक्षार्थी

केएलपी कॉलेज परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने के लिए प्रवेश करते परीक्षार्थी। संवाद

केएलपी कॉलेज परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने के लिए प्रवेश करते परीक्षार्थी। संवाद

केएलपी कॉलेज परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने के लिए प्रवेश करते परीक्षार्थी। संवाद