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Rewari News: जंक फूड से बिगड़ रही सेहत, पेट रोगों की चपेट में आ रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 04 Mar 2026 03:37 PM IST
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रेवाड़ी। बदलती जीवनशैली और जंक फूड के बढ़ते चलन ने लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर डालना शुरू कर दिया है। खासकर बच्चों में पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना पेट दर्द, गैस, कब्ज और उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर पहुंचने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है।
चिकित्सकों का मानना है कि इसके पीछे असंतुलित खानपान और फास्ट फूड की बढ़ती आदत मुख्य कारण है। पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव के अनुसार पिछले कुछ समय में 6 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में पेट संबंधी रोगों के मामलों में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
बच्चे नियमित रूप से पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन, पैकेटबंद स्नैक्स और कोल्ड ड्रिंक का सेवन कर रहे हैं। इन खाद्य पदार्थों में फाइबर और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है जबकि वसा, नमक और मसालों की मात्रा अधिक होती है। इससे पाचन तंत्र पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
मोटापा और डायबिटीज का भी बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड के अधिक सेवन से बच्चों में मोटापा, एसिडिटी, गैस की समस्या और यहां तक कि टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण भी सामने आने लगे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बच्चे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। कई मामलों में बच्चों को लंबे समय तक दवाइयों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अभिभावकों को सतर्क रहने की जरुरत
डॉ. गौरव यादव ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दें। घर का ताजा और संतुलित भोजन, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी को दैनिक आहार में शामिल करें। बाहर के तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना जरूरी है।
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चिकित्सकों का मानना है कि इसके पीछे असंतुलित खानपान और फास्ट फूड की बढ़ती आदत मुख्य कारण है। पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव के अनुसार पिछले कुछ समय में 6 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में पेट संबंधी रोगों के मामलों में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
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बच्चे नियमित रूप से पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन, पैकेटबंद स्नैक्स और कोल्ड ड्रिंक का सेवन कर रहे हैं। इन खाद्य पदार्थों में फाइबर और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है जबकि वसा, नमक और मसालों की मात्रा अधिक होती है। इससे पाचन तंत्र पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
मोटापा और डायबिटीज का भी बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड के अधिक सेवन से बच्चों में मोटापा, एसिडिटी, गैस की समस्या और यहां तक कि टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण भी सामने आने लगे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बच्चे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। कई मामलों में बच्चों को लंबे समय तक दवाइयों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अभिभावकों को सतर्क रहने की जरुरत
डॉ. गौरव यादव ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दें। घर का ताजा और संतुलित भोजन, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी को दैनिक आहार में शामिल करें। बाहर के तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना जरूरी है।