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Rewari News: खेजड़ी बचाओ यात्रा 21 से होगी शुरू, पांच जिलों के 100 गांवों में फैलाएंगे जागरूकता
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:30 PM IST
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रेवाड़ी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रही हरित रक्षक वृक्ष जाटी (खेजड़ी) बचाओ यात्रा को बढ़ते जनसमर्थन और मौजूदा समय की जरूरत को देखते हुए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब यह यात्रा 21 जनवरी से फिर शुरू होगी। यात्रा रेवाड़ी समेत आसपास के 5 जिलों के 100 से अधिक गांवों में पहुंचेगी जहां लोगों को जागरूक किया जाएगा।
प्रत्येक जिले से 20-20 गांवों में यात्रा जाएगी। अब तक यह यात्रा भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के 175 गांवों तक पहुंच चुकी है जहां लोगों को खेजड़ी के संरक्षण के लिए जागरूक किया जा चुका है।
हाल ही में हुई बैठक में ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने खेजड़ी बचाओ यात्रा को आगे बढ़ाने की मांग की थी। लोगों का कहना था कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि शुष्क क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी प्रजाति है जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। बैठक के बाद संगठन ने आगे के कार्यक्रम तय किए।
कमल सिंह यादव ने बताया कि हरियाणा का शुष्क क्षेत्र खेजड़ी वृक्ष पर काफी हद तक निर्भर है। यह वृक्ष न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है बल्कि पशुओं के लिए चारा, किसानों के लिए सहारा और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी मददगार है। इसके बाद भी जानकारी के अभाव में खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई की जा रही है जो भविष्य के लिए खतरनाक है।
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7 फरवरी तक 100 से अधिक गांवों तक ले जाने का रखा लक्ष्य :
राष्ट्रीय पर्यावरण प्रकृति संरक्षण एवं संवर्धन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल सिंह यादव ने बताया कि 21 जनवरी से शुरू होने वाली यात्रा में दखोरा, डहीना, कंवाली, कारौली, बोलनी, जड़थल, निखरी, हंसाका, नंदरामपुर बास, भटसाना, भालखी सहित कई अन्य गांवों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि 7 फरवरी तक इस यात्रा को 100 से अधिक गांवों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक गांव में लोगों के साथ बैठक कर उन्हें खेजड़ी वृक्ष के संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।
19 नवंबर को शुरू हुई थी यात्रा
कमल सिंह ने बताया कि खेजड़ी बचाओ यात्रा की 19 नवंबर 2025 को भिवानी के झूपा गांव से शुरू हुई थी। इसके बाद भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिले के गांवों में यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ वन मंडल अधिकारी दीपक प्रभाकर पाटिल ने किया था। अब तक कोसली, सहादतनगर, सुरहेली, झोलरी, कुहारड़, नगर, दड़ौली, फतेहपुरी, मोतलाकलां, बेरलीकलां, सीहा, धवाना, औलांत, बड़ौली, कुमरोधा, नांगल और मूंदी आदि गांवों में लोगों को जागरूक किया जा चुका है।
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वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने की थी प्रशंसा
दो दिन पहले हरियाणा के वन तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने गांव सीहा के बाबा रामस्वरूप दास आश्रम में आयोजित खेजड़ी एवं अन्य स्वदेशी वृक्ष बचाओ जन चेतना यात्रा में हिस्सा लिया था। उन्होंने यात्रा की सराहना करते हुए यात्रा के संयोजक कमल सिंह यादव की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार खेजड़ी सहित अन्य पुराने और विरासत वृक्षों को प्राण वायु देवता पेंशन योजना में शामिल कर उन्हें पेंशन दिलवाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।
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प्रत्येक जिले से 20-20 गांवों में यात्रा जाएगी। अब तक यह यात्रा भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के 175 गांवों तक पहुंच चुकी है जहां लोगों को खेजड़ी के संरक्षण के लिए जागरूक किया जा चुका है।
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हाल ही में हुई बैठक में ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने खेजड़ी बचाओ यात्रा को आगे बढ़ाने की मांग की थी। लोगों का कहना था कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि शुष्क क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी प्रजाति है जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। बैठक के बाद संगठन ने आगे के कार्यक्रम तय किए।
कमल सिंह यादव ने बताया कि हरियाणा का शुष्क क्षेत्र खेजड़ी वृक्ष पर काफी हद तक निर्भर है। यह वृक्ष न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है बल्कि पशुओं के लिए चारा, किसानों के लिए सहारा और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी मददगार है। इसके बाद भी जानकारी के अभाव में खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई की जा रही है जो भविष्य के लिए खतरनाक है।
7 फरवरी तक 100 से अधिक गांवों तक ले जाने का रखा लक्ष्य :
राष्ट्रीय पर्यावरण प्रकृति संरक्षण एवं संवर्धन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल सिंह यादव ने बताया कि 21 जनवरी से शुरू होने वाली यात्रा में दखोरा, डहीना, कंवाली, कारौली, बोलनी, जड़थल, निखरी, हंसाका, नंदरामपुर बास, भटसाना, भालखी सहित कई अन्य गांवों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि 7 फरवरी तक इस यात्रा को 100 से अधिक गांवों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक गांव में लोगों के साथ बैठक कर उन्हें खेजड़ी वृक्ष के संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।
19 नवंबर को शुरू हुई थी यात्रा
कमल सिंह ने बताया कि खेजड़ी बचाओ यात्रा की 19 नवंबर 2025 को भिवानी के झूपा गांव से शुरू हुई थी। इसके बाद भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिले के गांवों में यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ वन मंडल अधिकारी दीपक प्रभाकर पाटिल ने किया था। अब तक कोसली, सहादतनगर, सुरहेली, झोलरी, कुहारड़, नगर, दड़ौली, फतेहपुरी, मोतलाकलां, बेरलीकलां, सीहा, धवाना, औलांत, बड़ौली, कुमरोधा, नांगल और मूंदी आदि गांवों में लोगों को जागरूक किया जा चुका है।
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वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने की थी प्रशंसा
दो दिन पहले हरियाणा के वन तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने गांव सीहा के बाबा रामस्वरूप दास आश्रम में आयोजित खेजड़ी एवं अन्य स्वदेशी वृक्ष बचाओ जन चेतना यात्रा में हिस्सा लिया था। उन्होंने यात्रा की सराहना करते हुए यात्रा के संयोजक कमल सिंह यादव की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार खेजड़ी सहित अन्य पुराने और विरासत वृक्षों को प्राण वायु देवता पेंशन योजना में शामिल कर उन्हें पेंशन दिलवाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।