{"_id":"6a553bbe39e70458d80cee90","slug":"lowest-rainfall-in-july-in-ten-years-expected-this-time-rewari-news-c-198-1-sroh1010-241805-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: दस वर्षों में इस बार जुलाई में सबसे कम बारिश के आसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: दस वर्षों में इस बार जुलाई में सबसे कम बारिश के आसार
Tue, 14 Jul 2026 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। मौसम विशेषज्ञों ने पिछले दस वर्षों की अपेक्षा इस बार जुलाई में औसत से कम बारिश होने की संभावना जताई है। एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने के आसार हैं। किसी मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं होने और मानसून ट्रफ के तराई क्षेत्रों की ओर खिसकने के कारण रेवाड़ी सहित दक्षिण हरियाणा में बारिश की संभावना नहीं है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान में वृद्धि का क्रम जारी है। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। इस बार जुलाई का एक पखवाड़ा बीत चुका है लेकिन 70 एमएम से अधिक बारिश हो पाई है। मंगलवार से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है।
उन्होंने बताया कि इसके प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। रेवाड़ी में केवल छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। इसके चलते लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। दिन और रात के तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अल-नीनो का प्रभाव मानसून पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी में कम निम्न दबाव क्षेत्र बन रहे हैं और मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई हैं। वहीं, पिछले वर्ष ला-नीना की परिस्थितियों के चलते मानसून अधिक सक्रिय था और हरियाणा में सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज की गई थी।
इस वर्ष बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्रों का प्रभाव भी हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों पर अपेक्षाकृत कम पड़ रहा है। यही वजह है कि रेवाड़ी सहित दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में बारिश की कमी बनी हुई है, जबकि राज्य के कुछ पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा हो रही है।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पिछले तीन दिनों से अधिकतम तापमान में वृद्धि का क्रम जारी है। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। इस बार जुलाई का एक पखवाड़ा बीत चुका है लेकिन 70 एमएम से अधिक बारिश हो पाई है। मंगलवार से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इसके प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। रेवाड़ी में केवल छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। इसके चलते लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। दिन और रात के तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अल-नीनो का प्रभाव मानसून पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी में कम निम्न दबाव क्षेत्र बन रहे हैं और मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई हैं। वहीं, पिछले वर्ष ला-नीना की परिस्थितियों के चलते मानसून अधिक सक्रिय था और हरियाणा में सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज की गई थी।
इस वर्ष बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्रों का प्रभाव भी हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों पर अपेक्षाकृत कम पड़ रहा है। यही वजह है कि रेवाड़ी सहित दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में बारिश की कमी बनी हुई है, जबकि राज्य के कुछ पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा हो रही है।