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Rewari News: नगरायुक्त ने सीएसआई से चार महीने की मांगी रिपोर्ट, पूछा-गोशाला में कितने पशु भेजे
Fri, 14 Aug 2026 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:45 PM IST
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मीटिंग के दौरान बातचीत करते जिला नगरायुक्त प्रदीप अहलावत। स्रोत : प्रशासन
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रेवाड़ी। शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं के कारण लगातार हो रही घटनाओं को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। नगरायुक्त प्रदीप अहलावत ने बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सफाई निरीक्षक (सीएसआई) से रिपोर्ट मांगते हुए पूछा कि चार महीने में कितने बेसहारा गोवंश गोशाला में भेजे गए।
जिला नगर आयुक्त ने मुख्य सफाई निरीक्षक से पूछा कि नगर परिषद की ओर से कितने बेसहारा पशुओं को पकड़ा गया और उन्हें किन-किन गोशालाओं में भेजा गया। पकड़े गए पशुओं में से कितने पशु मालिकों ने जुर्माना या शुल्क जमा कर उन्हें वापस छुड़ाया।
उन्होंने शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं के जमावड़े को लेकर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कार्य में लापरवाही और ढिलाई बरतने पर मुख्य सफाई निरीक्षक को फटकार लगाई।
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उन्होंने कहा कि शहर की किसी भी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर बेसहारा पशु घूमते हुए नजर नहीं आने चाहिए। पशुओं को पकड़ने के अभियान में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित एजेंसी को चार महीनों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एजेंसी को बताना होगा कि इस अवधि में कुल कितने नंदी या सांड, कितनी गाय और कितने छोटे बछड़े व बछड़ियां पकड़ी गईं। प्रशासन पशुओं को पकड़ने और उनके रखरखाव की व्यवस्था की समीक्षा करेगा।
बैठक में पशुपालन विभाग के उप निदेशक के साथ बेसहारा पशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों पर चर्चा की गई। जिला नगर आयुक्त ने पशुओं के स्वास्थ्य, उपचार और टीकाकरण से संबंधित जानकारी ली।
अधिकारियों को पशुओं के स्वास्थ्य का नियमित ध्यान रखने तथा आवश्यक उपचार और टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सफाई निरीक्षक, पशुपालन विभाग के उप निदेशक और संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दो बुजुर्गों की मौत के बाद जागा प्रशासन
पशुओं की टक्कर में दो बुजुर्गों की मौत की घटना पर जिला नगर आयुक्त ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कार्यकारी अधिकारी को मामले में नियमानुसार त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशु न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन रहे हैं। जिला नगर आयुक्त ने कहा कि शहरवासियों की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान को प्रभावी बनाने और शहर को आवारा पशुओं की समस्या से मुक्त करने के लिए गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।
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जिला नगर आयुक्त ने मुख्य सफाई निरीक्षक से पूछा कि नगर परिषद की ओर से कितने बेसहारा पशुओं को पकड़ा गया और उन्हें किन-किन गोशालाओं में भेजा गया। पकड़े गए पशुओं में से कितने पशु मालिकों ने जुर्माना या शुल्क जमा कर उन्हें वापस छुड़ाया।
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उन्होंने शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं के जमावड़े को लेकर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कार्य में लापरवाही और ढिलाई बरतने पर मुख्य सफाई निरीक्षक को फटकार लगाई।
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उन्होंने कहा कि शहर की किसी भी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर बेसहारा पशु घूमते हुए नजर नहीं आने चाहिए। पशुओं को पकड़ने के अभियान में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित एजेंसी को चार महीनों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एजेंसी को बताना होगा कि इस अवधि में कुल कितने नंदी या सांड, कितनी गाय और कितने छोटे बछड़े व बछड़ियां पकड़ी गईं। प्रशासन पशुओं को पकड़ने और उनके रखरखाव की व्यवस्था की समीक्षा करेगा।
बैठक में पशुपालन विभाग के उप निदेशक के साथ बेसहारा पशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों पर चर्चा की गई। जिला नगर आयुक्त ने पशुओं के स्वास्थ्य, उपचार और टीकाकरण से संबंधित जानकारी ली।
अधिकारियों को पशुओं के स्वास्थ्य का नियमित ध्यान रखने तथा आवश्यक उपचार और टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सफाई निरीक्षक, पशुपालन विभाग के उप निदेशक और संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दो बुजुर्गों की मौत के बाद जागा प्रशासन
पशुओं की टक्कर में दो बुजुर्गों की मौत की घटना पर जिला नगर आयुक्त ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कार्यकारी अधिकारी को मामले में नियमानुसार त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेसहारा पशु न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन रहे हैं। जिला नगर आयुक्त ने कहा कि शहरवासियों की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान को प्रभावी बनाने और शहर को आवारा पशुओं की समस्या से मुक्त करने के लिए गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।