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Rewari News: जलभराव, टूटी सड़कों, बेसहारा पशु और पार्किंग की समस्या से कब मिलेगी आजादी ?

Sat, 15 Aug 2026 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 15 Aug 2026 12:23 AM IST
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When will there be relief from waterlogging, broken roads, stray animals, and parking issues?
सेक्टर 1 में टूटी सड़क। संवाद
रेवाड़ी। देश की आजादी के 79 वर्ष बाद भी शहर के लोगों को समस्याओं से पूरी तरह आजादी नहीं मिल पाई है। शहर में टूटी सड़कें, जलभराव जलभराव, बेसहारा पशु, पार्किंग की समस्या, बेसहारा पशुओं की समस्याओं से शहरवासियों को निजात नहीं मिली। बार-बार की शिकायतों और लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।
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बारिश होते ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगह सड़कें पहले से ही क्षतिग्रस्त हैं और बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल ऐसी स्थिति पैदा होती है।
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शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। सड़कों और बाजारों में पशुओं के झुंड दिखाई देना आम बात है। इनके कारण कई बार यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। हाल ही में गाय की टक्कर से दो बुजुर्गों की मौत के बाद लोगों में इस समस्या को लेकर रोष और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
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कुत्तों और बंदरों के हमले की हो रहीं घटनाएं
आवारा कुत्तों और बंदरों के हमले की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। अस्पताल में रोजाना 10 से 12 लोग काटने के पहुंच ही जाते हैं। सेक्टर 1 निवासी विनोद व सुरेश का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर संबंधित विभागों और नगर परिषद की ओर से समय-समय पर कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान दिखाई नहीं देता।
स्थानीय लोगों के अनुसार शहर की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा। लोगों का सवाल है कि आखिर उन्हें इन समस्याओं से कब स्थायी राहत मिलेगी।

जर्जर सड़कें चिंता का विषय
शहर में सड़कों की स्थिति भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। शहर में समय-समय पर नई सड़कों का निर्माण कराया जाता है, लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही कई सड़कें खराब होने लगती हैं। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं। कुछ माह पहले सेक्टरों व ब्रास मार्केट की सड़कों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अब संबंधित विभाग को इन नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़कों के निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ है या नहीं।


तीन लाख आबादी वाले शहर में पार्किंग की समस्या
शहर में बढ़ती आबादी के साथ पार्किंग की समस्या भी लगातार गंभीर होती जा रही है। वर्तमान में शहर की आबादी करीब तीन लाख तक पहुंच चुकी है, लेकिन वाहनों की बढ़ती संख्या के मुकाबले पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं हो पाई है। बाजारों और प्रमुख सड़कों के आसपास लोग सड़क किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर हैं, जिससे कई बार यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय भूपेंद्र कुमार व रोहित यादव ने बताया कि लंबे समय से पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस व्यवस्था नहीं हो पाई है।

सेक्टर 1 में टूटी सड़क। संवाद

सेक्टर 1 में टूटी सड़क। संवाद

सेक्टर 1 में टूटी सड़क। संवाद

सेक्टर 1 में टूटी सड़क। संवाद

सेक्टर 1 में टूटी सड़क। संवाद

सेक्टर 1 में टूटी सड़क। संवाद

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