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Rewari News: निर्मला ने घर के आंगन में बनाई फूलों और औषधीय पौधों की बगिया
Sun, 05 Jul 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:57 PM IST
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निर्मला
- फोटो : ट्रामा सेंटर में सांप पकड़ता युक। संवाद
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रेवाड़ी। कुतुबपुर निवासी निर्मला (38) ने अपने घर के आंगन और आसपास की खाली स्थान पर गुलाब, गेंदा, गुड़हल के फूलों, सजावटी पौधे और औषधीय पौधों की बगिया तैयार की है। वह 10 वर्षों से पौधों की देखभाल कर रही हैं। आज उनके घर में हरियाली है और फूलों से घर महकता है।
निर्मला ने बताया कि उनका बचपन से ही पौधों से लगाव रहा है। शुरुआत में उन्होंने कुछ गमलों में पौधे लगाए थे लेकिन धीरे-धीरे यह शौक उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। आज उनके घर में रंग-बिरंगे फूलों के साथ कई प्रकार के छायादार, सजावटी और उपयोगी पौधे लगे हैं, जो पूरे वातावरण को सुंदरता और ताजगी से भर देते हैं।
वह रोज सुबह करीब एक घंटा और शाम को भी लगभग एक घंटा पौधों की देखभाल में लगाती हैं। इस दौरान पौधों को पानी देना, सूखी पत्तियां हटाना, खाद डालना और नए पौधे तैयार करना उनकी नियमित दिनचर्या का हिस्सा है। किचन वेस्ट का पौधों में इस्तेमाल करती हैं।
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उनका कहना है कि पौधों की सेवा करने से मन को शांति मिलती है और दिनभर की थकान भी दूर हो जाती है। कहा कि बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली के दौर में हर व्यक्ति को अपने घर, आंगन या आसपास कम से कम कुछ पौधे जरूर लगाने चाहिए।
इससे न केवल वातावरण स्वच्छ रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकता है। पौधे हमें शुद्ध हवा, ठंडक और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं, इसलिए इनकी देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है।
पौधों के बीच समय बिताने से मानसिक तनाव होता है कम
निर्मला ने बताया कि समय-समय पर वे अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करती हैं। हर परिवार एक-एक पौधा भी लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे तो गांव और शहर दोनों अधिक हरे-भरे बन सकते हैं। पौधों के बीच समय बिताने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। उन्होंने बताया कि प्रकृति से जुड़ना ही स्वस्थ जीवन का सबसे सरल उपाय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न छोड़ें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें।
इन बातों का रखें ध्यान
बावल मार्ग स्थित नर्सरी संचालक सुनील कुमार ने बताया कि गर्मी में पौधों को सुबह और शाम ही पानी देना चाहिए। तेज धूप से बचाने के लिए शेड नेट का उपयोग करें और गमलों की मिट्टी की नमी बनाए रखें। सूखी पत्तियां हटाते रहें तथा जरूरत के अनुसार जैविक खाद दें। नियमित देखभाल से पौधे गर्मी में भी हरे-भरे और स्वस्थ रहते हैं।
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निर्मला ने बताया कि उनका बचपन से ही पौधों से लगाव रहा है। शुरुआत में उन्होंने कुछ गमलों में पौधे लगाए थे लेकिन धीरे-धीरे यह शौक उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। आज उनके घर में रंग-बिरंगे फूलों के साथ कई प्रकार के छायादार, सजावटी और उपयोगी पौधे लगे हैं, जो पूरे वातावरण को सुंदरता और ताजगी से भर देते हैं।
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वह रोज सुबह करीब एक घंटा और शाम को भी लगभग एक घंटा पौधों की देखभाल में लगाती हैं। इस दौरान पौधों को पानी देना, सूखी पत्तियां हटाना, खाद डालना और नए पौधे तैयार करना उनकी नियमित दिनचर्या का हिस्सा है। किचन वेस्ट का पौधों में इस्तेमाल करती हैं।
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उनका कहना है कि पौधों की सेवा करने से मन को शांति मिलती है और दिनभर की थकान भी दूर हो जाती है। कहा कि बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली के दौर में हर व्यक्ति को अपने घर, आंगन या आसपास कम से कम कुछ पौधे जरूर लगाने चाहिए।
इससे न केवल वातावरण स्वच्छ रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकता है। पौधे हमें शुद्ध हवा, ठंडक और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं, इसलिए इनकी देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है।
पौधों के बीच समय बिताने से मानसिक तनाव होता है कम
निर्मला ने बताया कि समय-समय पर वे अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करती हैं। हर परिवार एक-एक पौधा भी लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे तो गांव और शहर दोनों अधिक हरे-भरे बन सकते हैं। पौधों के बीच समय बिताने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। उन्होंने बताया कि प्रकृति से जुड़ना ही स्वस्थ जीवन का सबसे सरल उपाय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न छोड़ें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें।
इन बातों का रखें ध्यान
बावल मार्ग स्थित नर्सरी संचालक सुनील कुमार ने बताया कि गर्मी में पौधों को सुबह और शाम ही पानी देना चाहिए। तेज धूप से बचाने के लिए शेड नेट का उपयोग करें और गमलों की मिट्टी की नमी बनाए रखें। सूखी पत्तियां हटाते रहें तथा जरूरत के अनुसार जैविक खाद दें। नियमित देखभाल से पौधे गर्मी में भी हरे-भरे और स्वस्थ रहते हैं।

निर्मला- फोटो : ट्रामा सेंटर में सांप पकड़ता युक। संवाद