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Rewari News: विस्थापन का दर्द झेलने वाले ज्ञात-अज्ञात लोगों के संघर्ष और बलिदान को किया नमन
Fri, 14 Aug 2026 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:47 PM IST
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- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में एकजुट शिक्षक। स्रोत : विवि
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रेवाड़ी। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शुक्रवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया। इसमें विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले और विस्थापन का दर्द झेलने वाले लोगों के संघर्ष और बलिदान को नमन किया गया।
मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर रामनरेश ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों पर कभी संदेह न करें और हमेशा उनका सम्मान करें। देश हमेशा प्रथम होना चाहिए और सभी को बिना किसी स्वार्थ के अपने देश से प्रेम करना चाहिए। सैनिकों का काम सीमाओं पर दुश्मनों से रक्षा करना है, लेकिन नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे समाज में सही संगति चुनें और सतर्क रहें।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सुरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि विभाजन के समय लोगों ने कितना कठिन दौर देखा था। उस दौरान जो अमीर थे वे रातों-रात गरीब हो गए और जो गरीब थे उन्होंने अपनी मेहनत से खुद को संभाला।
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कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि 14 अगस्त का दिन केवल अतीत को याद करने का नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेने का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में इस दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, ताकि सेमिनार, डॉक्यूमेंट्री, फोटो प्रदर्शनी और फिल्मों के माध्यम से नई पीढ़ी को इतिहास के सच का पता चल सके।
कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने बताया कि विभिषका दिव हमें आपसी भाईचारे और राष्ट्र की एकता को बनाए रखने का संदेश देता है। कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों को शॉल एवं श्री कृष्ण जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।
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मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर रामनरेश ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों पर कभी संदेह न करें और हमेशा उनका सम्मान करें। देश हमेशा प्रथम होना चाहिए और सभी को बिना किसी स्वार्थ के अपने देश से प्रेम करना चाहिए। सैनिकों का काम सीमाओं पर दुश्मनों से रक्षा करना है, लेकिन नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे समाज में सही संगति चुनें और सतर्क रहें।
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विशिष्ट अतिथि डॉ. सुरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि विभाजन के समय लोगों ने कितना कठिन दौर देखा था। उस दौरान जो अमीर थे वे रातों-रात गरीब हो गए और जो गरीब थे उन्होंने अपनी मेहनत से खुद को संभाला।
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कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि 14 अगस्त का दिन केवल अतीत को याद करने का नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेने का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में इस दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, ताकि सेमिनार, डॉक्यूमेंट्री, फोटो प्रदर्शनी और फिल्मों के माध्यम से नई पीढ़ी को इतिहास के सच का पता चल सके।
कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने बताया कि विभिषका दिव हमें आपसी भाईचारे और राष्ट्र की एकता को बनाए रखने का संदेश देता है। कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों को शॉल एवं श्री कृष्ण जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।