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Rewari News: उपकरणोें की बढ़ती कीमतें बिजली बाजार को मार रही करंट
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:22 AM IST
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दिल्ली रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर बिजली का सामान खरीदते ग्राहक। संवाद
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रेवाड़ी। बिजली के सामान की लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तार, स्विच, एमसीबी, पंखे, एलईडी बल्ब, इन्वर्टर और अन्य विद्युत उपकरणों के दामों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है। वहीं ग्राहक भी जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करने को मजबूर हैं।
व्यापारियों के अनुसार कंपनियों की ओर से कई बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। पहले ग्राहक घर की वायरिंग या मरम्मत के लिए एक साथ पूरा सामान खरीद लेते थे लेकिन अब बजट बढ़ने के कारण सीमित खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में वायरिंग के तार की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत, स्विच में आठ प्रतिशत, सॉकेट में 10 प्रतिशत तथा एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट में लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पंखों, रेगुलेटर और एमसीबी के दाम भी करीब 15 प्रतिशत बढ़े हैं। वहीं डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड, आरसीसीबी और ईएलसीबी जैसे सुरक्षा उपकरणों की कीमतों में 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। मोटर, इन्वर्टर, बैटरी, स्टेबलाइजर, ट्रांसफार्मर और जनरेटर जैसे बड़े विद्युत उपकरणों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
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इलेक्ट्रिकल उपकरणों के साथ-साथ मल्टीमीटर और ड्रिल मशीन जैसी मशीनों के दाम भी बढ़े हैं। व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती लागत और महंगे कच्चे माल के कारण कंपनियां लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं, जिसका सीधा असर बाजार की मांग और कारोबार पर पड़ रहा है। वहीं उपभोक्ता भी बढ़ती महंगाई के बीच अपने खर्चों में कटौती कर रहे हैं।
बावल चौक के व्यापारी जतिन गुप्ता ने बताया कि बिजली के सामान की कीमतों में औसतन 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। बढ़ी हुई कीमतों के कारण कई ग्राहक सामान सस्ता होने का इंतजार कर रहे हैं जबकि कुछ लोगों को अपने बजट के अनुसार सामान की मात्रा कम करनी पड़ रही है। इससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
वहीं, भाड़ावास मार्ग के पास दुकान संचालक पुनीत ने कहा कि घरों की वायरिंग, मरम्मत और नए निर्माण कार्य पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले समय में बाजार पर इसका और अधिक असर पड़ सकता है।
व्यापारियों के अनुसार कंपनियों की ओर से कई बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। पहले ग्राहक घर की वायरिंग या मरम्मत के लिए एक साथ पूरा सामान खरीद लेते थे लेकिन अब बजट बढ़ने के कारण सीमित खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में वायरिंग के तार की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत, स्विच में आठ प्रतिशत, सॉकेट में 10 प्रतिशत तथा एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट में लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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पंखों, रेगुलेटर और एमसीबी के दाम भी करीब 15 प्रतिशत बढ़े हैं। वहीं डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड, आरसीसीबी और ईएलसीबी जैसे सुरक्षा उपकरणों की कीमतों में 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। मोटर, इन्वर्टर, बैटरी, स्टेबलाइजर, ट्रांसफार्मर और जनरेटर जैसे बड़े विद्युत उपकरणों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
इलेक्ट्रिकल उपकरणों के साथ-साथ मल्टीमीटर और ड्रिल मशीन जैसी मशीनों के दाम भी बढ़े हैं। व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती लागत और महंगे कच्चे माल के कारण कंपनियां लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं, जिसका सीधा असर बाजार की मांग और कारोबार पर पड़ रहा है। वहीं उपभोक्ता भी बढ़ती महंगाई के बीच अपने खर्चों में कटौती कर रहे हैं।
बावल चौक के व्यापारी जतिन गुप्ता ने बताया कि बिजली के सामान की कीमतों में औसतन 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। बढ़ी हुई कीमतों के कारण कई ग्राहक सामान सस्ता होने का इंतजार कर रहे हैं जबकि कुछ लोगों को अपने बजट के अनुसार सामान की मात्रा कम करनी पड़ रही है। इससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
वहीं, भाड़ावास मार्ग के पास दुकान संचालक पुनीत ने कहा कि घरों की वायरिंग, मरम्मत और नए निर्माण कार्य पहले की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले समय में बाजार पर इसका और अधिक असर पड़ सकता है।