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Rewari News: ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 25 मई तक बढ़ी, आज और कल फूकेंगे पुतला
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 20 May 2026 11:37 PM IST
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हड़ताल के दौरान विरोध प्रदर्शन करते सफाई कर्मी। स्रोत : यूनियन
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रेवाड़ी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल को 25 मई तक बढ़ाने का एलान किया है। यूनियन की राज्य स्तरीय वर्चुअल बैठक राज्य प्रधान बसाऊराम की अध्यक्षता में हुई। इसमें आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि 21 और 22 मई को प्रत्येक ब्लॉक और जिला स्तर पर सरकार के पुतले दहन होंगे जबकि 24 और 25 मई को नरवाना में महापड़ाव किया जाएगा।
यूनियन के राज्य प्रधान बसाऊराम और महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन में प्रवेश कर चुकी है। भीषण गर्मी के बावजूद प्रदेशभर के करीब 10 हजार सफाई कर्मचारी धरनों पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर गर्मी के कारण कर्मचारी बेहोश हो रहे हैं और बीमार पड़ रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही।
13 मई तक मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, मुख्य सचिव और पंचायत विभाग के अधिकारियों को कई बार मांग पत्र भेजे गए लेकिन किसी स्तर पर समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ वार्ता तक करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के 31 दिसंबर के आदेश के बावजूद किसी भी कच्चे ग्रामीण सफाई कर्मचारी को पक्का नहीं किया गया।
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पिछले 12 वर्षों में स्थायी भर्ती नहीं हुई। सरकार ने 26 हजार रुपये वेतन देने की घोषणा की थी लेकिन आज तक लागू नहीं किया गया। इसके अलावा 1 हजार की आबादी पर एक कर्मचारी भर्ती करने की योजना भी लंबित पड़ी है।
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जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और होगा तेज
यूनियन नेताओं ने कहा कि दो वर्षों से वेतन वृद्धि नहीं हुई जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर न तो मुआवजा दिया जाता है और न ही परिवार को नौकरी मिलती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर कर्मचारियों को बिना किसी आर्थिक सहायता के सेवानिवृत्त कर दिया जाता है।
यूनियन ने कहा कि आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है और अन्य संगठन भी इसमें शामिल होने लगे हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में सीटू कोषाध्यक्ष सुखबीर सिंह, देवीराम, जोगिंदर सिंह, संदीप कुमार, नानक, पूनम, राकेश कुमार, सुनील कुमार और सोहनलाल आदि मौजूद रहे।
यूनियन के राज्य प्रधान बसाऊराम और महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन में प्रवेश कर चुकी है। भीषण गर्मी के बावजूद प्रदेशभर के करीब 10 हजार सफाई कर्मचारी धरनों पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर गर्मी के कारण कर्मचारी बेहोश हो रहे हैं और बीमार पड़ रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही।
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13 मई तक मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, मुख्य सचिव और पंचायत विभाग के अधिकारियों को कई बार मांग पत्र भेजे गए लेकिन किसी स्तर पर समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ वार्ता तक करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के 31 दिसंबर के आदेश के बावजूद किसी भी कच्चे ग्रामीण सफाई कर्मचारी को पक्का नहीं किया गया।
पिछले 12 वर्षों में स्थायी भर्ती नहीं हुई। सरकार ने 26 हजार रुपये वेतन देने की घोषणा की थी लेकिन आज तक लागू नहीं किया गया। इसके अलावा 1 हजार की आबादी पर एक कर्मचारी भर्ती करने की योजना भी लंबित पड़ी है।
जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और होगा तेज
यूनियन नेताओं ने कहा कि दो वर्षों से वेतन वृद्धि नहीं हुई जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर न तो मुआवजा दिया जाता है और न ही परिवार को नौकरी मिलती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर कर्मचारियों को बिना किसी आर्थिक सहायता के सेवानिवृत्त कर दिया जाता है।
यूनियन ने कहा कि आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है और अन्य संगठन भी इसमें शामिल होने लगे हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में सीटू कोषाध्यक्ष सुखबीर सिंह, देवीराम, जोगिंदर सिंह, संदीप कुमार, नानक, पूनम, राकेश कुमार, सुनील कुमार और सोहनलाल आदि मौजूद रहे।