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Rewari News: स्कूलों की सुधारी जाएगी हालत, लिसाना में 6.89 करोड़ से बनेगा कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 25 Feb 2026 11:54 PM IST
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स्कूल की दीवार से उखड़ रहा प्लास्टर। संवाद
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रेवाड़ी। जिले में सर्वे के बाद सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की दशा सुधारने के लिए विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। सबसे बड़ी परियोजना गांव लिसाना में राजकीय महाविद्यालय के निर्माण की है। यह कार्य मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत किया जाएगा।
महाविद्यालय की घोषणा 28 मई 2015 को की गई थी। अब इसकी टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण पर करीब 6.89 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है। इस परियोजना के पूरा होने से लिसाना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इसके अलावा कई प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा, मरम्मत और अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी टेंडर जारी किए गए हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालीआकी, शादिपुर और मसीत में दो अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, बाउंड्रीवॉल की मरम्मत, कोटा स्टोन फ्लोरिंग, आरसीसी बीम, स्टील कार्य और पेंटिंग कार्य के लिए 52.92 लाख रुपये का टेंडर आमंत्रित किया गया है।
इसी क्रम में राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय काकोड़िया में 6 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, 3 कक्षों की मरम्मत और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने के लिए 63 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है। शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने बताया कि स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण से विद्यार्थियों को बैठने की पर्याप्त सुविधा मिलेगी।
कई विद्यालयों में कमरों की कमी के कारण छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ता है जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। नए कमरों के निर्माण से कक्षाओं का सुचारू संचालन संभव होगा और शिक्षकों को भी बेहतर ढंग से पढ़ाने का अवसर मिलेगा। शिक्षाविद सुशील ने बताया कि इससे अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होगा। फ्लोरिंग और मरम्मत कार्य से भवनों की स्थिति सुधरेगी जिससे स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण तैयार होगा।
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यहां 51.17 लाख होंगे खर्च
राजकीय माध्यमिक विद्यालय जाखल में कक्षाओं की मरम्मत और राजकीय प्राथमिक विद्यालय नांगल में 3 अतिरिक्त कक्ष, रसोईघर और चहारदीवारी निर्माण के लिए 51.17 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इससे स्कूलों की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनेगी। इसके अतिरिक्त गांव लालपुर में सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कमरों और चहारदीवारी निर्माण के लिए भी टेंडर आमंत्रित किया गया है। यह कार्य भी मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत किया जाएगा।
गांव गुरावड़ा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के निर्माण का कार्य 4.31 करोड़ रुपये की निविदा के माध्यम से स्वीकृत हुआ था जिसकी अनुबंध राशि 3.65 करोड़ रुपये तय हुई है। इस परियोजना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक ढांचा मिलेगा। स्कूल की लंबे समय से दशा खराब है। सुधार के बाद बच्चों को लाभ मिलेगा।
बता दें कि स्कूलों की खराब स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से पहले व्यापक स्तर पर सर्वे कराया गया था। इस सर्वे में भवनों की स्थिति, कक्षाओं की संख्या, फर्नीचर, शौचालय, पेयजल, बिजली व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का आकलन किया गया। अधिकारियों ने जर्जर कमरों, टूटी दीवारों, खराब फर्श और अधूरी बाउंड्री वॉल जैसी कमियों को चिह्नित किया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय की गईं और जिन विद्यालयों में स्थिति अधिक खराब पाई गई वहां पहले सुधार कार्य शुरू किए गए हैं। बता दें कि कई बार सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण अभिभावक चिंतित रहते हैं। जब कक्षाएं जर्जर हों या पर्याप्त जगह न हो, तो बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं।
शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों के भवनों और अन्य कमियों को दूर करने के लिए कार्य किए जाएंगे। विभिन्न स्कूलों की मरम्मत और कक्षों का निर्माण करवाया जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक ढांचा मिलेगा।-बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी
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महाविद्यालय की घोषणा 28 मई 2015 को की गई थी। अब इसकी टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण पर करीब 6.89 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है। इस परियोजना के पूरा होने से लिसाना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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इसके अलावा कई प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा, मरम्मत और अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी टेंडर जारी किए गए हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालीआकी, शादिपुर और मसीत में दो अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, बाउंड्रीवॉल की मरम्मत, कोटा स्टोन फ्लोरिंग, आरसीसी बीम, स्टील कार्य और पेंटिंग कार्य के लिए 52.92 लाख रुपये का टेंडर आमंत्रित किया गया है।
इसी क्रम में राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय काकोड़िया में 6 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, 3 कक्षों की मरम्मत और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने के लिए 63 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है। शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने बताया कि स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण से विद्यार्थियों को बैठने की पर्याप्त सुविधा मिलेगी।
कई विद्यालयों में कमरों की कमी के कारण छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ता है जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। नए कमरों के निर्माण से कक्षाओं का सुचारू संचालन संभव होगा और शिक्षकों को भी बेहतर ढंग से पढ़ाने का अवसर मिलेगा। शिक्षाविद सुशील ने बताया कि इससे अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होगा। फ्लोरिंग और मरम्मत कार्य से भवनों की स्थिति सुधरेगी जिससे स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण तैयार होगा।
यहां 51.17 लाख होंगे खर्च
राजकीय माध्यमिक विद्यालय जाखल में कक्षाओं की मरम्मत और राजकीय प्राथमिक विद्यालय नांगल में 3 अतिरिक्त कक्ष, रसोईघर और चहारदीवारी निर्माण के लिए 51.17 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इससे स्कूलों की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनेगी। इसके अतिरिक्त गांव लालपुर में सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कमरों और चहारदीवारी निर्माण के लिए भी टेंडर आमंत्रित किया गया है। यह कार्य भी मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत किया जाएगा।
गांव गुरावड़ा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के निर्माण का कार्य 4.31 करोड़ रुपये की निविदा के माध्यम से स्वीकृत हुआ था जिसकी अनुबंध राशि 3.65 करोड़ रुपये तय हुई है। इस परियोजना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक ढांचा मिलेगा। स्कूल की लंबे समय से दशा खराब है। सुधार के बाद बच्चों को लाभ मिलेगा।
बता दें कि स्कूलों की खराब स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से पहले व्यापक स्तर पर सर्वे कराया गया था। इस सर्वे में भवनों की स्थिति, कक्षाओं की संख्या, फर्नीचर, शौचालय, पेयजल, बिजली व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का आकलन किया गया। अधिकारियों ने जर्जर कमरों, टूटी दीवारों, खराब फर्श और अधूरी बाउंड्री वॉल जैसी कमियों को चिह्नित किया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय की गईं और जिन विद्यालयों में स्थिति अधिक खराब पाई गई वहां पहले सुधार कार्य शुरू किए गए हैं। बता दें कि कई बार सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण अभिभावक चिंतित रहते हैं। जब कक्षाएं जर्जर हों या पर्याप्त जगह न हो, तो बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं।
शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों के भवनों और अन्य कमियों को दूर करने के लिए कार्य किए जाएंगे। विभिन्न स्कूलों की मरम्मत और कक्षों का निर्माण करवाया जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक ढांचा मिलेगा।-बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी