JNU में छात्रों का बवाल: VC के इस्तीफे की मांग पर अड़े, शांतिश्री पंडित पर कथित जातिसूचक टिप्पणी का आरोप
Delhi JNU Protest: दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। छात्र वीसी के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। साथ ही उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
विस्तार
राजधानी दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय के छात्रों ने वीसी शांतिश्री डी पंडित के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की है। कैंपस के आसपास कड़ी सुरक्षा कर दी गई है।
#WATCH | Delhi: Students of Jawaharlal Nehru University holds a protest against Vice-Chancellor Santishree D Pandit, asking for her resignation. Security has been significantly tightened around the campus. pic.twitter.com/PFWyNHVKni
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— ANI (@ANI) February 26, 2026
जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली पुलिस ने कुलपति शांतिश्री पंडित के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय के छात्रों को हिरासत में लिया गया है।
10 दिन पहले जेएनयू छात्रसंघ ने कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित पर एक पॉडकास्ट में कथित रूप से जातिसूचक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया और इसकी कड़ी निंदा की। इस पॉडकास्ट में यूजीसी नियमों पर चर्चा हो रही थी। हालांकि, कुलपति ने इन आरोपों से इनकार किया।
छात्रसंघ कर रहा इस्तीफे की मांग
छात्रसंघ के अनुसार, बीती 16 फरवरी को जारी 52 मिनट के एक पॉडकास्ट में कुलपति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों, छात्रसंघ पदाधिकारियों के निष्कासन और विश्वविद्यालय की छवि जैसे मुद्दों पर बातचीत की थी। छात्रसंघ का कहना था कि इस दौरान दिए गए कुछ बयान आपत्तिजनक थे। संघ ने बयान जारी कर कुलपति से इस्तीफे की मांग की और कहा कि ऐसे वक्तव्यों से विश्वविद्यालय की गरिमा प्रभावित होती है।
छात्रसंघ ने विशेष रूप से उस टिप्पणी का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि स्थायी रूप से पीड़ित बने रहने या पीड़ित होने का दावा करने से प्रगति नहीं हो सकती। संघ का आरोप है कि यह टिप्पणी विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर सामाजिक अन्याय और बहिष्कार की वास्तविकताओं को नजरअंदाज करती है।
क्या है कुलपति का पक्ष?
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कुलपति ने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कुछ नहीं कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं पिछड़े वर्ग की पृष्ठभूमि से आती हैं।