Festive Season Fears: होली से पहले बाजार गुलजार, ट्रेनों में टिकटों के लिए मची मार; हवाई किराया छूने लगा आसमान
वर्तमान में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाली फ्लाइट्स के किराए सामान्य दिनों के मुकाबले 150 से 200 फीसदी तक बढ़ गए हैं।
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रंगों के त्योहार पर घर जाकर अपनों संग होली मनाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए ट्रेनों में टिकट बची नहीं हैं और हवाई सफर जेब पर भारी पड़ रहा है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट ने लोगों को विमानों की ओर मोड़ा है, जिसका सीधा असर किरायों पर दिख रहा है। वर्तमान में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाली फ्लाइट्स के किराए सामान्य दिनों के मुकाबले 150 से 200 फीसदी तक बढ़ गए हैं। हालत यह है कि जहां कुछ हफ्ते पहले 4-5 हजार रुपये में मिलने वाला टिकट अब 12 से 15 हजार रुपये के पार पहुंच गया है।
इंडिगो और एयर इंडिया की वेबसाइट पर दिख रहे किरायों के अनुसार, नई दिल्ली से पटना के लिए होली से ठीक पहले एकतरफा टिकट 12,000 से 13,500 रुपये तक पहुंच गया। सामान्य दिनों में यही किराया 4,000 से 5,000 रुपये के बीच रहता था।
होली के दिन यानी 4 मार्च को कुछ फ्लाइट्स में किराया 5,500 से 7,000 रुपये के बीच देखने को मिला। 10 मार्च के बाद यह टिकट 4,500 रुपये के आसपास उपलब्ध है। मुंबई से वाराणसी जाने वाले यात्रियों को भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। 28 फरवरी और 1-3 मार्च के बीच इस रूट पर किराया 12,000 से 15,000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं 10 मार्च के बाद यही टिकट 7,000-8,000 रुपये में उपलब्ध होने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रेनों में लंबी वेटिंग, फ्लाइट्स पर दबाव : हवाई किराए में उछाल की बड़ी वजह ट्रेनों में कंफर्म टिकट न हो पाना है। दिल्ली और मुंबई से बिहार-पूर्वांचल जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग 200 के पार पहुंच चुकी है। भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने 186 से अधिक होली स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि अतिरिक्त ट्रेनों के बावजूद सीटें कम पड़ रही हैं। नतीजतन, जिन यात्रियों के पास समय कम है या जिन्हें तत्काल घर पहुंचना है, वे महंगे किराए के बावजूद फ्लाइट्स बुक करने को मजबूर हैं।
त्योहार की खुशी पर महंगाई की परछाई : विशेषज्ञों के मुताबिक, एयरलाइंस डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम अपनाती हैं। जैसे-जैसे सीटें भरती जाती हैं, कंप्यूटर एल्गोरिदम अपने आप किराया बढ़ा देता है। त्योहारों के समय अचानक मांग बढ़ जाती है, जबकि सीटों की संख्या सीमित रहती है। बड़ी संख्या में यात्री आखिरी समय पर टिकट बुक करते हैं। तब तक सस्ती श्रेणी की सीटें बिक चुकी होती हैं। इससे महंगी श्रेणियां ही बचती हैं। यही वजह है कि लास्ट-मिनट बुकिंग सबसे महंगी साबित होती है। यात्रियों को उम्मीद है कि भविष्य में सरकार और नियामक एजेंसियां त्योहारों के दौरान किराया नियंत्रण के लिए ठोस नीति बनाएगी।
यात्रियों के लिए सलाह
- एडवांस बुकिंग करें: त्योहारों के लिए कम से कम 3-4 हफ्ते पहले टिकट बुक करना फायदेमंद रहता है
- लचीली तारीख चुनें: होली से एक-दो दिन पहले या बाद की उड़ानों में किराया कम मिल सकता है
- वैकल्पिक एयरपोर्ट देखें: कभी-कभी पास के शहर से उड़ान सस्ती पड़ती है
- रेल या बस विकल्प: होली स्पेशल या वोल्वो बसों का विकल्प तलाशना जेब पर कम भारी हो सकता है
नई दिल्ली-पटना के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
होली के मौके पर घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने नई दिल्ली और पटना के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। रेलवे के मुताबिक, ट्रेन संख्या 04088/04087 नई दिल्ली-पटना-नई दिल्ली होली स्पेशल शुक्रवार से 4 मार्च तक चलेगी। इस दौरान दोनों दिशाओं में कुल 10 फेरे (5-5 ट्रिप) लगाए जाएंगे। ये गाड़ी नई दिल्ली, टूंडला, गोविंदपुरी, डीडीयू, बक्सर, आरा और दानापुर समेत प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए एसी, स्लीपर और जनरल कोच उपलब्ध रहेंगे।